आदित्य धर की धुरंधर 2 को देखने के बाद दुनियाभर के लोग शानदार रिएक्शन दे रहे हैं. रिलीज होते ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े और अब भी खूब नोट छाप रही है. फिल्म में हमजा के अतीत को दिखाया गया है, जो पहले जसकीरत सिंह रंगी होता है.
बाद में हमजा बन पाकिस्तान में एंट्री मारता है. एक तरफ जहां धुरंधर थिएटर्स में गदर काट रही है, वहीं दूसरी तरफ एक नया बहस छिड़ चुका है. अब पाकिस्तानी नेता नबील गबोल ने इस फिल्म को देखने के बाद रिएक्शन दिया है, साथ ही अपने कैरेक्टर को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया है.
भाषा और संस्कृति को गलत तरीके से किया गया पेश
नबील गबोल ने यूट्यूबर नादिर अली को दिए इंटरव्यू में ये कंफर्म किया कि धुरंधर में राकेश बेदी ने जो भूमिका निभाई है जमील जमाली की वो उन्हीं से प्रेरित है. साथ ही उन्होंने इस बात पर गुस्सा जाहिर किया है कि फिल्म में उनके कैरेक्टर को सही ढंग से पेश नहीं किया गया.
फिल्म में उनके कैरेक्टर को डरपोक और चापलूस दिखाया गया, जबकि रियल में वो बेहद ही दबंग नेता हैं. सोशल मीडिया पर क्लिप वायरल हो रहा है जिसमें नबील गबोल को काफी गुस्से में देखा जा सकता है.
उन्होंने कहा,’ फिल्म में उनका रोल बेहद अहम है, लेकिन असली पहचान नहीं दिखाई गई. मेरा रोल दबंग था. लेकिन, आदित्य धर ने उसे सही से नहीं दिखाया.’ नबील ने इस बारे में बात करते हुए आगे कहा,’इन्होंने पूरी कोशिश की है कि ल्यारी को टेररिस्ट हब दिखाया जाए. ल्यारी कोई टेरेरिस्ट हब नहीं है. अगर इनका कोई एजेंट आ जाता. तो वो जिंदा सलामत नहीं जा सकता था.’
गबोल ने तो ये भी कहा कि फिल्म में भाषा और संस्कृति को गतल तरह से पेश किया गया है. ल्यारी में कोई भी पंजाबी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता है, क्योंकि वहां बलोच लोगों की संख्या ज्यादा है. गबोल ने ये भी कहा कि मानहानि के डर से मेकर्स ने फिल्म में उनके नाम को बदल दिया.
धुरंधर में जमील जमाली के नाम के नीचे एमएनए 2007 लिखा है और 2007 में वही उस क्षेत्र के एमएनए थे. उन्होंने कहा कि मानहानि के डर से मेकर्स ने ये फैसला लिया. जबकि, ज्यादातर कैरेक्टर्स के असली नामों का मेकर्स ने इस्तेमाल किया है, क्योंकि अब वो लोग जिंदा नहीं है.
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