FII Selling India: ईरान-इजरायल के बीच चल रहे विवाद का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है. आज, 23 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट जारी है. वहीं, विदेशी निवेशक भी लगातार शेयर मार्केट से दूरी बना रहे हैं.
आंकड़ों की बात करें तो, आखिरी 16 दिनों में विदेशी निवेशकों ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है. साथ ही कच्चे तेल की कीमत भी 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है. आइए जानते हैं, आखिर विदेशी निवेशक क्यों बाजार से दूरी बना रहे है?
विदेशी निवेशकों ने हर घंटे 1000 करोड़ रुपये निकाले
हाल ही में घरेलू शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली तेज रही है. 26 फरवरी से 20 मार्च के बीच एफआईआई ने कुल 1,00,040 करोड़ रुपये निकाले हैं. यानी 16 कारोबारी दिनों में औसतन हर घंटे लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निकासी हुई.
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक हुए 50 सत्रों में से 33 सत्रों में एफआईआई लगातार बाजार से पैसे निकाल रहे हैं. जो भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाने का संकेत है.
एफआईआई की लंबी बिकवाली, भारतीय बाजारों पर असर
पिछले कुछ सालों से विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ाया है. 2025 में ही एफआईआई ने भारतीय मार्केट्स से कुल 2.4 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी. जो बाजार की स्थिरता और निवेशकों के मनोबल पर असर डालती रही है.
DII की खरीदारी से बाजार को राहत
जहां विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) की खरीदारी से कुछ संतुलन बना हुआ है.
इसी दौरान डीआईआई ने कुल 1,16,586 करोड़ रुपये की खरीदारी की है. जो बाजार को सपोर्ट देने और निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने में मदद कर रही है.
मिडिल ईस्ट में चल रहे विवाद से पैदा हुई अनिश्चितता विदेशी निवेशकों की घरेलू बाजार से दूरी बनाने की मुख्य वजह बताई जा रही है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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