HDFC Bank: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी (HDFC Bank) पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के इस्तीफे को लेकर पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में है. अब इस मामले में एक नया अपडेट सामने आ रहा है.
दरअसल, अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद खड़े हुए विवाद और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (कामकाज के तरीके) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बैंक ने अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से जुड़ी चिट्टी की समीक्षा, कानूनी जांच और ऑडिट के लिए दो बाहरी लॉ फर्म को नियुक्त किया है. इनका काम यह देखना है कि क्या वाकई में पूर्व चेयरमैन के बताए जाने के मुताबिक बैंक में नैतिकता या नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है या नहीं.
सेबी ने अपनाया कड़ा रुख
इस बीच, बीते 23 मार्च को मार्केट रेगुलेटर सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों को अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभानी चाहिए और बिना पर्याप्त सबूत के अस्पष्ठ आरोप लगाने से बचना चाहिए.
सेबी ने कहा कि अगर किसी स्वतंत्र निदेशक को लगता है कि कंपनी सही से काम नहीं कर रही है, कामकाज के तरीकों में नैतिकता का अभाव है या धोखाधड़ी को लेकर कोई चिंता है, तो उसका जिक्र औपचारिक रूप ये बोर्ड की बैठक के दौरान करना चाहिए क्योंकि अस्पष्टता से बाजार में अनावश्यक घबराहट और अनिश्चितता पैदा होती है. सेबी ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत या रिकॉर्ड के गंभीर आरोप लगाना सही नहीं है.
शेयराें में बड़ी गिरावट
बता दें कि बीते 18 मार्च को बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने ‘नैतिक सिद्धांतों’ (Ethics) का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इससे बाजार में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई. इस्तीफे की खबर आने के बाद ही बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली, जो एक ही दिन में 9 परसेंट टूटकर 792 रुपये के लेवल पर आ गई. इससे निवेशकों को लगभग 1 लाख करोड़ का नुकसान हुआ.
हालांकि, बाद में भले ही शेयरों में रिकवरी देखी गई, लेकिन फिर सोमवार को करीब 5 परसेंट की गिरावट के साथ शेयर 743.75 रुपये पर बंद हुए. कारोबारी सत्र के दौरान शेयर 740.95 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए, जबकि शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 1020.35 रुपये है.
ये भी पढ़ें: