Why Indoor Air Pollution Is Dangerous: घर के अंदर की हवा भी कितनी खतरनाक हो सकती है, इस पर हाल ही में सामने आई एक स्टडी ने गंभीर चिंता जताई है. इस रिसर्च से जुड़े एपिडेमियोलॉजिस्ट विक्रम निरंजन ने इसे “ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तक बता दिया है और इस पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत बताई है. Thecooldown में पब्लिश यह स्टडी 1990 से 2021 के बीच 204 देशों में घरेलू वायु प्रदूषण के असर को समझने के लिए किया गयाय इसमें पाया गया कि दुनिया के कई हिस्सों में आज भी लोग खाना बनाने के लिए लकड़ी, कोयला और गोबर जैसे पारंपरिक ईंधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो घर के अंदर की हवा को बेहद जहरीला बना देते हैं.
हर साल होती है इतने लाख लोगों की मौत
हालांकि समय के साथ इन ठोस ईंधनों का उपयोग कुछ हद तक कम हुआ है, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई. खासकर अफ्रीका और दक्षिण एशिया के कई क्षेत्रों में आज भी साफ और सुरक्षित ईंधन तक लोगों की पहुंच सीमित है. वहीं, विकसित देशों में बेहतर विकल्प मिलने के कारण इस समस्या में कमी आई है. यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इनडोर एयर पॉल्यूशन कई गंभीर बीमारियों से जुड़ा हुआ है. रिसर्च के मुताबिक, बचपन में प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से सांस से जुड़ी समस्याएं, दिमागी विकास पर असर और लंबे समय तक रहने वाली स्वास्थ्य परेशानियां हो सकती हैं. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार, हर साल करीब 40 लाख लोगों की मौत समय से पहले सिर्फ घर के अंदर की प्रदूषित हवा के कारण हो जाती है.
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किन जगहों पर होती है दिक्कत?
समस्या सिर्फ गरीब देशों तक सीमित नहीं है. गैस चूल्हे भी एक बड़ा कारण बन रहे हैं, क्योंकि ये घर के अंदर बेंजीन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें छोड़ते हैं. एक हालिया स्टडी में यह भी सामने आया कि अमेरिका में बच्चों के अस्थमा के हर आठ में से एक केस के पीछे गैस स्टोव जिम्मेदार हो सकते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए साफ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना जरूरी है.
इंडक्शन स्टोव जैसे विकल्प बेहतर माने जा रहे हैं, क्योंकि ये न सिर्फ कम ऊर्जा खर्च करते हैं, बल्कि हानिकारक गैसें भी नहीं छोड़ते. कुछ देशों में सरकारें लोगों को ऐसे उपकरण अपनाने के लिए सब्सिडी और छूट भी दे रही हैं. विक्रम निरंजन का कहना है कि सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को मिलकर ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे हर व्यक्ति तक साफ ईंधन की पहुंच सुनिश्चित हो सके.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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