Indian Rupee vs Dollar: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 24 मार्च को भारतीय रुपये की शुरुआत पॉजिटिव रही. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया थोड़ी मजबूती दिखाते हुए खुला. हालांकि, पिछले सत्र में रुपया 93.98 के अपने अब तक के सबसे लो लेवल पर पहुंच गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति के मिडिल ईस्ट पर चले विवाद पर आए ताजा बयान ने रुपये को सहारा देने का काम किया है. ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित कार्रवाई को फिलहाल टालने का संकेत दिए हैं.
साथ ही उन्होंने बातचीत की संभावना भी जताई थी. शुरुआती कारोबार में भारतीय करेंसी 93.64 के लेवल के आस-पास कारोबार कर रही थी. आइए जानते हैं, इस बारे में..
निवेशक सर्तक होकर लगा रहे दांव
बाजार में हाल की तेजी के बावजूद निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौटा नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध टलने की खबर ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन अनिश्चितता अब भी बनी हुई है. इसलिए निवेशक सावधानी से कदम बढ़ा रहे हैं.
सोमवार को रुपये में करीब 0.37 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी और यह 93.95 के पार चला गया था. हालांकि आज इसमें कुछ सुधार देखने को मिला है. इसके बावजूद भी बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य होने के साफ संकेत नहीं मिलते, तब तक डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूत रिकवरी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी.
आरबीआई उठा सकता है कदम
बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक इस मामले में दखल दे सकती हैं. आमतौर पर आरबीआई अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर बेचकर रुपये को संभालने की कोशिश करता है ताकि गिरावट ज्यादा न बढ़े.
हालांकि मौजूदा वैश्विक हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं, ऐसे में विशेषज्ञों का अनुमान है कि फिलहाल रुपये पर दबाव बना रह सकता है और इसमें बड़ी मजबूती आने में समय लग सकता है.
इन वजहों से रुपये पर दबाव
डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी के दबाव के पीछे वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इत्यादि वजहें होने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं. मिडिल ईस्ट में जारी विवाद से कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है.
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