Chaitra Purnima 2026 Date: चैत्र पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर की पहली पूर्णिमा होती है, जिस कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है. इस दिन खासकर तौर पर पवित्र नदी में स्नान, दान, व्रत और भगवान विष्णु-मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है. इसी तिथि पर हनुमान जयंती या हनुमान जन्मोत्सव भी मनाया जाता है.
आमतौर पर चैत्र पूर्णिमा मार्च-अप्रैल के महीने में पड़ती है. लेकिन इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर बहुत ज्यादा कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. दरअसल इसका कारण यह है कि, 1 अप्रैल को पूरे दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी, वहीं 2 अप्रैल को भी पूर्णिमा रहेगा. ऐसे में लोगों के मन में भ्रम बना हुआ है कि, हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा 1 अप्रैल को है या 2 अप्रैल को.
सही तिथि ज्ञात न होने की वजह से लोगों में इस बात को लेकर भी चिंता में हैं कि, पूर्णिमा का व्रत कब रखें, चंद्रमा को अर्घ्य कब दें और स्नान-दान जैसे कार्य कब करें. लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. यहां देखें चैत्र पूर्णिमा की सही तिथि और पूजा-व्रत, स्नान-दान का मुहूर्त.
चैत्र पूर्णिमा 2026 कब (Chaitra Purnima 2026 Kab Hai)
द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और व्रत के लिए उदयातिथि को अधिक मान्यता दी जाती है. इसलिए चैत्र पूर्णिमा गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.
स्नान, दान, पूजा और व्रत का मुहूर्त- चैत्र पूर्णिमा का पवित्र स्नान गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को किया जाएगा. स्नान-दान के लिए 2 अप्रैल सुबह 4:38 से सुबह 5:24 तक का समय सबसे उत्तम रहेगा. अगर इस समय में स्नान-दान न कर पाएं तो सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक जरूर कर लें.
चैत्र पूर्णिमा का व्रत कब रखें
पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करने का विधान है. 1 अप्रैल से पूर्णिमा तिथि लग जाएगी और पूरे दिन रहेगी. ऐसे में 1 अप्रैल को पूर्णिमा का व्रत रख सकते हैं और इसी दिन चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं. मान्यता है कि, पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव की पूजा करने से जीवन के पाप नष्ट होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. 1 अप्रैल को चंद्रदोय का समय शाम 06:11 बजे रहेगा. लेकिन स्नान-दान के लिए उदयातिथि को मान्यता दी गई है. ऐसे में पूर्णिमा तिथि का स्नान-दान 2 अप्रैल को करना उचित रहेगा.
चैत्र पूर्णिमा शुभ मुहूर्त 2026 (Chaitra Purnima 2026 Shubh Muhurat)
- लाभ – उन्नति – 06:11 सुबह से 07:45 सुबह
- अमृत – सर्वोत्तम – 07:45 सुबह से 09:18 सुबह
- शुभ – उत्तम – 10:52 सुबह से 12:25 दोपहर
- लाभ – उन्नति – 05:05 शाम से 06:39 शाम
- शुभ – उत्तम – 08:05 रात से 09:32 रात
सत्यनारायण पूजा का मुहूर्त
पूर्णिमा के दिन कई लोग सत्यनारायण भगवान की पूजा भी करते हैं. चैत्र पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा के लिए सुबह 06 बजकर 11 मिनट से सुबह 09 बजकर 18 मिनट तक का समय रहेगा.
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