UPPSC Success Story: यूपीपीएससी के फाइनल रिजल्ट में निकुंज का ‘सिक्सर’, पूर्व राष्ट्रपति कलाम से पा चुके हैं सम्मान

3314a620275a4c7d27cd4d31a59e878c17749745267281257 original


मुरादाबाद के एक साधारण परिवार में रहने वाले युवक ने यूपीपीएससी के फाइनल रिजल्ट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि पूरा शहर उनकी तारीफ करते नहीं थक रहा है. बात हो रही है मुरादाबाद में रहने वाले निकुंज गुप्ता की, जिन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा में 6वीं रैंक हासिल की. इस सफलता के साथ उन्हें सब-रजिस्ट्रार पद पर नियुक्ति मिलेगी. 

चार बार की नाकामयाबी से सीखकर मिली मंजिल

गौर करने वाली बात है कि निकुंज को यह सफलता 5वें प्रयास में मिली है. चार बार असफलता का सामना करने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. हर असफलता से कुछ नया सीखा और अपनी तैयारी को ज्यादा बेहतर किया. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने इतिहास रच दिया. पहले चार प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली. हर बार रिजल्ट आते ही निराशा होती, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. वह अपनी गलतियों को समझते. कमजोर विषयों पर ज्यादा मेहनत करते और अगले प्रयास के लिए तैयार हो जाते. 

संघर्षों से जूझकर जीता जहां

निकुंज गुप्ता मुरादाबाद के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी. संसाधन सीमित थे, लेकिन उनके सपने बहुत बड़े थे. निकुंज ने दिल्ली में रहकर UPPSC की तैयारी की. दिल्ली में रहना और पढ़ाई करना आसान नहीं था. खर्च ज्यादा था, लेकिन परिवार ने हर मुश्किल में उनका साथ दिया. निकुंज कहते हैं कि परिवार का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा. 

पढ़ाई में शुरू से ही तेज

निकुंज शुरू से ही पढ़ाई में अच्छे रहे हैं. उन्होंने कॉमर्स, लॉ और इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में अच्छी शिक्षा हासिल की. कंपनी सेक्रेटरी का कोर्स भी उन्होंने तय समय से पहले पूरा कर लिया था. इसके अलावा स्काउटिंग में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा. उनकी मेहनत और अनुशासन को देखते हुए देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें सम्मानित किया था. 

परिवार में जश्न का माहौल

जब UPPSC का रिजल्ट घोषित हुआ और निकुंज की 6वीं रैंक आई तो उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई. पूरा परिवार जश्न मनाने लगा. माता-पिता, भाई-बहन, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग बधाई देने लगे. हर कोई निकुंज की पीठ थपथपा रहा था और कह रहा था कि उनकी मेहनत रंग लाई. निकुंज के पिता ने कहा कि बेटे की इस सफलता से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है. मां ने आंसू पोछते हुए कहा कि निकुंज की कई साल की मेहनत का फल आज मिला है. निकुंज खुद भी इस सफलता पर बेहद खुश हैं. वह कहते हैं कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे परिवार की कामयाबी है. परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया, चाहे आर्थिक तंगी हो या मानसिक थकान. उनका कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. अगर गिरो तो सीखो, फिर उठो और आगे बढ़ो.

ये भी पढ़ें: बिना कोचिंग अयोध्या की बेटी का कमाल, UPPSC में चौथा स्थान पाकर बनी डिप्टी कलेक्टर

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *