Diabetes Nerve Damage: सावधान! पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन कहीं ‘डायबिटिक न्यूरोपैथी’ तो नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स


Why Do Diabetics Feel Tingling In Feet: डायबिटीज के मरीजों में अक्सर एक समस्या धीरे-धीरे सामने आती है, जिसे लोग शुरुआत में गंभीरता से नहीं लेते. हाथों और पैरों में झुनझुनी, जलन या सुन्नपन, कई लोग इसे थकान या उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं.  लेकिन असल में यह शरीर का एक अहम संकेत होता है, जिसे अनदेखा करना खतरनाक साबित हो सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर डॉ. क्या कहते हैं. 

क्या होता है डायबिटीज का नसों पर असर

डायबिटीज का असर सिर्फ शुगर लेवल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह नसों को भी नुकसान पहुंचाता है. जब लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई रहता है, तो यह नसों तक पोषण पहुंचाने वाली छोटी ब्लड बेसल्स को प्रभावित करता है. इससे नसें ठीक से काम नहीं कर पातीं और इस स्थिति को डायबिटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है. इसके शुरुआती लक्षणों में झुनझुनी, जलन, सुन्नपन या रात में अचानक दर्द महसूस होना शामिल है. कई मरीज बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे वे रूई पर चल रहे हों या पैरों में तेज चुभन हो रही हो. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या बढ़कर शरीर की कमजोरी, संतुलन बिगड़ने और यहां तक कि पैरों में घाव तक पहुंच सकती है. 

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किस कमी के कारण होती है दिक्कत

इस समस्या को और जटिल बनाता है विटामिन B12 की कमी. खासतौर पर वे मरीज जो लंबे समय से मेटफॉर्मिन दवा ले रहे हैं, उनमें B12 की कमी का खतरा ज्यादा होता है. यह दवा ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है, लेकिन समय के साथ शरीर में B12 के अब्जॉर्व को कम कर सकती है. समस्या यह है कि विटामिन B12 की कमी के लक्षण जैसे झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी और थकान, डायबिटिक न्यूरोपैथी से काफी मिलते-जुलते होते हैं. ऐसे में बिना जांच के यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि असली वजह क्या है. कई बार दोनों समस्याएं एक साथ भी होती हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट का मानना है कि इस स्थिति में सबसे जरूरी है समय पर पहचान और इलाज. Dr. V Mohan ने TOI को बताया कि मरीजों को दर्द बढ़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इलाज की शुरुआत ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने से होती है. इसके साथ ही विटामिन B12 की जांच कराना और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लेना भी जरूरी है. कई मामलों में डॉक्टर विटामिन B कॉम्प्लेक्स दवाएं देते हैं, जो नसों को मजबूत करने और लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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