Petrol-Diesel Price Today: आज 8 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं. भारत की तीन प्रमुख तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में होने वाले बदलावों के अनुसार हर दिन ईंधन की कीमतों में संशोधन करती हैं. हालांकि, हाल के दिनों में कंपनियों ने सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.
क्रूड ऑयल की कीमतें गिरीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को दो सप्ताह के लिए टालने का फैसला लिया है. उन्होंने एक ‘टू-साइडेड सीजफायर’ का प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन इसके लिए शर्त रखी गई है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से खोल दे. चूंकि दुनिया का 20 परसेंटकच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है इसलिए इसके बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. अब ट्रंप के इस ऐलान से बाजार में एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं कुछ हद तक दूर हुई है.
ट्रंप के इसी ऐलान के साथ आज वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट या US क्रूड वेरिएंट की कीमत 17 परसेंट तक गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गई है. वहीं, ब्रेंट क्रूड भी लगभग 16 परसेंट टूटकर 92 डॉलर के लेवल पर पहुंच गई है.
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत
| शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर कीमत) | डीजल (प्रति लीटर कीमत) |
| दिल्ली | 94.77 रुपये | 87.67 रुपये |
| मुंबई | 103.54 रुपये | 90.03 रुपये |
| कोलकाता | 105.45 रुपये | 92.02 रुपये |
| चेन्नई | 100.80 रुपये | 92.39 रुपये |
| बेंगलुरु | 102.92 रुपये | 90.99 रुपये |
| लखनऊ | 94.65 रुपये | 87.76 रुपये |
| जयपुर | 104.88 रुपये | 90.36 रुपये |
| पटना | 105.18 रुपये | 92.04 रुपये |
| गुवाहाटी | 93.23 रुपये | 89.46 रुपये |
क्यों कम नहीं हुई कीमतें?
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में हुई भारी गिरावट के बाद अब मन में यह सवाल आ सकता है कि क्यों देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत कम नहीं हुई? दरअसल, ग्लोबल मार्केट में कीमतों के गिरने का असर घरेलू पेट्रोल पंपों पर दिखने में अमूमन 7-10 दिन तक का समय लग सकता है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह कच्चा तेल लंबे समय तक 95 डॉलर के नीचे बना रहता है, तो सरकारी तेल कंपनियां जल्द ही आम जनता के लिए कीमतों में कटौती का ऐलान कर सकती हैं.
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