Meeting behavior analysis: क्या आपने कभी नोटिस किया है कि जैसे ही आप किसी मीटिंग रूम या भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाते हैं, तब आपका दिमाग बिना सोचे-समझे एक कुर्सी चुन लेता है. यह चुनाव पूरी तरह से अचानक नहीं होता, बल्कि आपकी सोच, व्यवहार और व्यक्तित्व से जुड़ा होता है. आप किस सीट पर बैठना पसंद करते हैं, कोने में, बीच में या लीडर के पास यह आपकी पर्सनेलिटी के कई पहलुओं को उजागर कर सकता है. दरअसल सीट चुनना सिर्फ आराम के लिए नहीं होता, बल्कि यह इस बात का भी संकेत होता है कि आप लोगों के बीच खुद को कैसे प्रस्तुत करते हैं. इसी कॉन्सेप्ट पर आधारित यह पर्सनैलिटी टेस्ट बताता है कि मीटिंग में आपकी पसंदीदा सीट आपके स्वभाव के बारे में क्या बताती है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि मीटिंग में आपकी सीट आपकी पर्सनालिटी कैसे बताती है और बैठने का तरीका आपके कई राज कैसे खोल देता है.
अगर आप ऐसी सीट चुनते हैं, जो लीडर या केंद्र के पास हो तो यह दर्शाती है कि आप जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हटते. आप टीम में एक्टिव रहना पसंद करते हैं और चीजों को सही दिशा में आगे बढ़ाने में भरोसा रखते हैं. ऐसे लोग सिस्टम को समझते हैं और सहयोगी भूमिका में मजबूत होती है.
जो लोग थोड़ी दूरी पर बैठना पसंद करते हैं, वह माहौल को समझकर आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं. यह लोग सीधे स्पॉटलाइट में आने से बचते हैं, लेकिन हर चीज पर नजर रखते हैं. इनकी खासियत होती है संतुलन बनाए रखना और सही समय पर अपनी बात रखना.
- कैलकुलेटेड थिंकर
कुछ लोग ऐसी जगह पर बैठते हैं, जहां वे ज्यादा ध्यान खींचे बिना पूरे माहौल को समझ सके. ऐसे लोग जल्दबाजी में बोलने के बजाय पहले हर पहलू पर सोचते हैं. जब यह अपनी राय देते हैं तो अक्सर वह बाकी लोगों से अलग और अहम होती है.
- इंटरनल ऑडिटर
ऐसी सीट चुनने वाले लोग हर बात को परखने की आदत रखते हैं. यह सिर्फ हां में हां मिलाने के बजाय हर निर्णय के पीछे की वजह समझना चाहते हैं. इनका नजरिया तार्किक होता है और यह गलतियों को जल्दी पकड़ लेते हैं.
- द डायरेक्ट चैलेंजर
जो लोग मीटिंग में सीधे सामने बैठते हैं, वे आमतौर पर कॉन्फिडेंट और स्पष्ट बोलने वाले होते हैं. यह अपनी बात खुलकर रखते हैं और बहस से नहीं डरते हैं. ऐसे लोग चुनौती पूर्ण परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटते हैं.
- द वॉलफ्लावर डिटेक्टिव
अगर आप मीटिंग में किनारे की सीट चुनते हैं, तो आप शांत रहकर लोगों को समझने वाले हो सकते हैं. आप कम बोलते हैं, लेकिन हर छोटी बड़ी चीज को नोटिस करते हैं. सही समय आने पर आपकी बात अहम साबित होती है.
- स्ट्रेटेजिक पार्टिसिपेंट
कुछ लोग मीटिंग में हर बात पर रिएक्शन नहीं देते हैं. बल्कि सही मौके का इंतजार करते हैं. यह लोग अपनी उर्जा बचाकर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर ही बोलते हैं, जिससे उनकी बात ज्यादा प्रभावी होती है.
- द सोशल ग्लू
ऐसी सीट सुनने वाले लोग ग्रुप में पॉजिटिव उर्जा बनाए रखते हैं. यह दूसरों को सहज महसूस कराने में माहिर होते हैं और औपचारिक माहौल को भी हल्का बना देते हैं.
- द लॉयल प्रो
जो लोग लीडर के पास बैठना पसंद करते हैं. वह अक्सर सीखने और मार्गदर्शन लेने में आत्मविश्वास रखते हैं. यह लोग टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए लीडर के साथ तालमेल बनाकर चलते हैं.
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