मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है. इसका असर ना केवल घरेलू गैस या महंगाई पर पड़ रहा है बल्कि दुनिया भर की एविएशन इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है. इसी बीच अब सरकार ने डोमेस्टिक एयरलाइंस को राहत की सांस दी है. जिससे कि ईंधन की बढ़ती लागत और किराए में अचानक से होने वाली बढ़ोतरी को रोका जा सके.
उड्डयन मंत्रालय का फैसला
दरअसल हाल ही में उड्डयन मंत्रालय की तरफ से एक जरूरी फैसला किया गया है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और वैश्विक स्तर पर एटीएफ की तेजी से बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय घरेलू एयरलाइंस को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में तीन महीने के लिए 25 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है. इस फैसले से एयरलाइंस का ऑपरेशनल प्रेशर थोड़ा कम होगा. साथ ही साथ यात्रा करने वालों पर भी फ्लाइट का किराया बढ़ने का बोझ कम रहेगा.
तत्कार प्रभाव से हो कार्रवाई
मंत्रालय ने एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेग्युलेटरी अथॉरिटी को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस फैसले को जल्दी से जल्दी अमल में लाया जाए. फिलहाल मेजर एयरपोर्ट्स पर तो इसको प्रभावी रूप से शुरू किया जाए. बता दें कि इससे पहले सरकार ने एटीएफ की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का केवल 25 प्रतिशत ही एयरलाइंस पर डाला था, जबकि वैश्विक स्तर पर एटीएफ की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई है.
मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा प्रयास हवाई यात्रा को आम यात्रियों के लिए किफायती और सुविधाजनक बनाना है. मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमने ये सुनिश्चित किया है कि घरेलू एयरलाइंस पर ज्यादा बोझ न पड़े. अब लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती करके हम एयरलाइंस को और राहत दे रहे हैं, जिससे हवाई किराए स्थिर रह सकें’.
एयरलाइंस को होगा फायदा
मंत्रालय का मानना है कि इस राहत से तीन महीने में प्रमुख एयरपोर्ट पर एयरलाइंस को लगभग 400 करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद है. मंत्री ने ये भी कहा कि, ‘मंत्रालय सभी हितधारकों, एयरलाइंस, एयरपोर्ट संचालकों और एईआरए, के साथ लगातार संपर्क में है. स्थिति की समीक्षा करते हुए आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. सरकार का कहना है कि इन उपायों से घरेलू विमानन क्षेत्र की व्यवहार्यता बनी रहेगी और यात्रियों को सुरक्षित और किफायती हवाई यात्रा का लाभ मिलता रहेगा’. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बदलती परिस्थितियों पर नजर रखते हुए भविष्य में भी आवश्यक राहत उपाय किए जाएंगे.