- ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है.
- उपभोक्ता कीमतों में 3.3% की वृद्धि, दो सालों का रिकॉर्ड तोड़ा.
- गैस और ईंधन की कीमतों में भी देखी गई भारी बढ़ोतरी.
- बढ़ी कीमतों से आम जनता को हो रही भारी परेशानी.
दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों ईरान से युद्ध करने में बिजी हैं, लेकिन उनके खुद के देश की हालात सही नहीं है. अमेरिका में महंगाई ने पिछले 2 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
अमेरिका के श्रम विभाग ने बताया है कि मार्च तक के 12 महीनों में उपभोक्ता कीमतें 3.3 फीसदी बढ़ीं हैं, जो फरवरी के 2.4% के मुकाबले ज़्यादा थीं. कहा जा रहा है कि इसकी बड़ी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध तेल की बढ़ती कीमतें हैं.
तेल की कीमतें छू रहीं आसमान
श्रम विभाग की रिपोर्ट की मानें तो उपभोक्ता कीमतों में मार्च तक के 12 महीनों में 3.3 प्रतिशत की बढ़त हुई है, जो फरवरी में 2.4 प्रतिशत थी. ये उछाल साल 2022 के बाद से सबसे बड़े मासिक परिवर्तनों में से एक है. जब दुनिया रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के कारण संकट से जूझ रही थी. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने पेट्रोल पंपों पर भी कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला, क्योंकि युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू गई हैं.
राज्यों पर भी हो रहा असर
गैस की कीमतों में फरवरी से मार्च तक 21.2 प्रतिशत का उछाल देखा गया. 1967 में सरकार ने आंकड़े जारी करना शुरू किए थे, जिसके बाद से ये सबसे बड़ी वृद्धि है. तेल और ईंधन की कीमतों में 30 प्रतिशत से भी ज्यादा उछाल देखने को मिला, जो फरवरी 2000 के बाद से सबसे बड़ी वृद्धि है. इसका असर खासतौर पर कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में देखने को मिल रहा है, जहां गैस की कीमतें पहले से ही अमेरिका के बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा थी.
आम जन हो रहे परेशान
अमेरिकी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के अनुसार, गुरुवार को कैलिफोर्निया में एक गैलन गैस की कीमत लगभग 5.93 डॉलर (भारतीय 550.67 रुपये) थी, जबकि देशभर में लगभग 4.16 डॉलर (भारतीय 386.3 रुपये) थी. कीमतों में आ रहे इस उछाल का असर आम जन पर भी पड़ रहा है. आम जन इन कीमतों को भयानक बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि कीमतों में हो रही इस बढ़त को देखते हुए उन्होंने अब कम से कम गाड़ी निकालना शुरू कर दिया है.