पहला गाना गाते वक्त आशा भोंसले के कांप रहे थे हाथ,छोटी उम्र में पिता को खोया,मां के सपोर्ट से दिग्गज बनीं सिंगर

e6dcef8628a15b51cf8dc5f59659c2801775988212687771 original.webp


दिग्गज सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रहीं. 92 की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. ऐसे में बॉलीवुड से लेकर फैंस तक में शोक की लहर दौड़ पड़ी है.आशा भोसले ब्रिज कैंडी अस्पताल में एडमिट थीं, इसी दौरान उनका निधन हो गया.चलिए जानते हैं उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कैसे की थी और कैसे दिग्गज सिंगर बनीं..

रिपब्लिक वर्ल्ड को दिए इंटरव्यू में आशा भोसले ने बताया था कि जब उन्होंने पहला गाना रिकॉर्ड किया था तब वो महज 10 साल की थीं. उन्हें माइक के सामने गाना था और उस वक्त उनके हाथ पैर कांप रहे थे.क्योंकि, पहले पता ही नहीं था कि माइक क्या होता है.

आशा भोसले ने बताया था कैसे किया था करियर शुरू

उनके पिता जी ने रिकॉर्ड करके रखे थे अपने गाने, तो दिमाग में आया ही नहीं कि ऐसा भी होता है. पहला गाना गाने के बाद उन्हें लगा था कि वो गा सकती हैं. सिर्फ उनकी दीदी ही नहीं बल्कि सभी भाई-बहन गा सकते हैं.

पहला गाना गाते वक्त आशा भोंसले के कांप रहे थे हाथ,छोटी उम्र में पिता को खोया,मां के सपोर्ट से दिग्गज बनीं सिंगर

आशा भोसले ने आगे कहा था,’पहला गाना गाया, तबसे गा रही हूं और खड़ी हूं. फिल्म लाइन का खड़ा होना ऐसा होता है कि सुबह 10 बजे स्टूडियो पहुंचे तो रात के 10-11 बज जाते हैं. कभी-कभी सुबह के 8 बज जाते हैं. ये माइक की लाइफ विचित्र होती है.’

आशा भोसले ने बताया था,’मेरे पिताजी बहुत छोटी उम्र में गोवा से मुंबई भागकर आ गए थे.आकर यहां पर उन्होंने ड्रामा कंपनी बनाई बलवंत संगीत मंडली, वो उसके मालिक भी थे और काम भी करते थे. हमारी जिंदगी खानाबदोश जैसी रही. तीन महीने यहां-तीन महीने वहां, ऐसे महाराष्ट्र में हम घूमते थे.सर्कस के जैसे शेड लेकर इधर-उधर जाते थे. बहुत मजा था उस वक्त. दूध-मलाई खाना मुझे बहुत अच्छा लगता था. पिताजी थे तब सब कुछ बहुत अच्छा था. लेकिन, पिता जी के निधन के बाद बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. लेकिन, हम निकल गए उन मुश्किल दौर से.’

इंटरव्यू में आशा भोसले ने कहा था कि उनकी मां बहुत होशियार औरत थीं.वो कहती थीं कि कोल्हापुर में रहकर बड़े सिंगर नहीं बन पाओगे तुम लोग.तुम्हें मुंबई जाना चाहिए, तुम मेंढ़क के जैसे एक पानी में पड़े हो. ऐसे मुंबई आए, फिर काम शुरू किया. पहले -पहले तकलीफें होती हैं. धीरे-धीरे नाम होता है.

ये भी पढ़ें:-सचिन तेंदुलकर को बेटे जैसा मानती थीं Asha Bhosle, हर खास पल में शामिल रहे, देखें तस्वीरें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *