बैसाखी 2026 पर दिल्ली के इन गुरुद्वारों में जरूर जाएं, जहां मिलेगा भक्ति और शांति का अनुभव!


बैसाखी जिसे लोग वैशाखी भी कहते हैं, सिख समुदायों द्वारा मनाए जाने वाला सबसे खास फसल उत्सवों में से एक है. पंजाब समेत उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मनाया जाने वाला यह दिन 1699 में गुरु गोविंद सिंह द्वारा सिख खासा की स्थापना का प्रतीक है. बैसाखी किसानों के लिए उत्सव मनाने का समय है और लोग इसे बड़े उत्साह भक्ति, भजन-कीर्तन और सामुदायिक सेवा के साथ मनाते हैं. द्रिक पंचांग के मुताबिक, बैसाखी इस साल मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.

बैसाखी जिसे लोग वैशाखी भी कहते हैं, सिख समुदायों द्वारा मनाए जाने वाला सबसे खास फसल उत्सवों में से एक है. पंजाब समेत उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मनाया जाने वाला यह दिन 1699 में गुरु गोविंद सिंह द्वारा सिख खासा की स्थापना का प्रतीक है. बैसाखी किसानों के लिए उत्सव मनाने का समय है और लोग इसे बड़े उत्साह भक्ति, भजन-कीर्तन और सामुदायिक सेवा के साथ मनाते हैं. द्रिक पंचांग के मुताबिक, बैसाखी इस साल मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.

इस त्योहार के दौरान लोग काफी अच्छे और शांतिपूर्ण अनुभव के लिए गुरुद्वारों में भी मत्था टेकने के लिए जाते हैं. ये धार्मिक स्थल आस्था और एकता से भरी जीवंत आध्यात्मिक जगहों में बदल जाते हैं. अगर आप राष्ट्रीय राजधानी में रहते हैं, तो बैसाखी 2026 के दौरान आपको घूमने के 5 गुरुद्वारों में जरूर जाना चाहिए.

इस त्योहार के दौरान लोग काफी अच्छे और शांतिपूर्ण अनुभव के लिए गुरुद्वारों में भी मत्था टेकने के लिए जाते हैं. ये धार्मिक स्थल आस्था और एकता से भरी जीवंत आध्यात्मिक जगहों में बदल जाते हैं. अगर आप राष्ट्रीय राजधानी में रहते हैं, तो बैसाखी 2026 के दौरान आपको घूमने के 5 गुरुद्वारों में जरूर जाना चाहिए.

Published at : 11 Apr 2026 06:00 PM (IST)

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