SEBI यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड लगातार ने हाल ही में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के मकसद से तीन नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं. ये IT (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) प्लेटफॉर्म्स कारोबार को और ज्यादा आसान बनाने का काम करेंगे. SEBI की इस नई पहल से शेयर मार्केट में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सुरक्षा बढ़ेगी.
ये नए पोर्टल किए लॉन्च
इन तीन नए प्लेटफॉर्म्स के जरिए SEBI ने पारंपरिक सिस्टम को डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है. आइये बताते हैं इन तीनों नए आईटी प्लेटफॉर्म के बारे में:
- SUPCOMS (Single Universal Platform for Communications)
- ई-एज्यूडिकेशन पोर्टल
- C-SAC (Cyber-Sec Audit Compliance)
तीनों डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के फायदे
SUPCOMS: इस प्लेटफॉर्म के जरिए कम्युनिकेशन सुरक्षित होगा. ये प्लेटफॉर्म ईमेल आधारित सिस्टम के रूप में काम करेगा, जिससे सभी ऑफिशियल कम्युनिकेशंस एक ही जगह पर सुरक्षित हो पाएंगे और डेटा ट्रैक करना आसान होगा.
ई-एज्यूडिकेशन पोर्टल: इस पोर्टल के जरिए कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी. इससे कंपनियां ऑनलाइन नोटिस देख सकेंगी, जवाब दाखिल कर सकेंगी और वर्चुअल सुनवाई में हिस्सा ले सकेंगी. इस पोर्टल की मदद से सिस्टम में पारदर्शिता और तेजी बढ़ेगी.
C-SAC: इस पोर्टल के जरिए AI के माध्यम से साइबर सुरक्षा निगरानी मजबूत होगी. ये एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम है, जो साइबर ऑडिट रिपोर्ट का विश्लेषण कर जोखिम और कमियों की पहचान करेगा. इसके साथ ही ये संस्थाओं को रिस्क स्कोर भी देगा.
अहम है ये कदम
बता दें कि SEBI के द्वारा लिया गया ये कदम ऐसे समय आया है जब वित्तीय बाजार तेजी से डिजिटल हो रहे हैं. साइबर सिक्योरिटी पर सेंध लगाने के लिए हैकर्स बैठे ही हैं. आए दिन लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में ये एक अहम और महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभरा है. इन नए प्लेटफॉर्म्स के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी और काम करना भी आसान होगा.