Fatal love bite: कब जानलेवा हो जाती है ‘लव बाइट’, जानें कब पार्टनर को रोकना होता है जरूरी?


खून का थक्का (Blood Clot): गर्दन की नसें बहुत sensitive होती हैं, जब पार्टनर बहुत जोर से 'सक' (Suck) करता है, तो त्वचा के नीचे की नसों में खून का थक्का जम सकता है, अगर यह थक्का खून के बहाव के साथ दिमाग तक पहुंच जाए, तो यह बल्ड फ्लो को रोक सकता है, जो जानलेवा साबित होता है.

खून का थक्का (Blood Clot): गर्दन की नसें बहुत sensitive होती हैं, जब पार्टनर बहुत जोर से ‘सक’ (Suck) करता है, तो त्वचा के नीचे की नसों में खून का थक्का जम सकता है, अगर यह थक्का खून के बहाव के साथ दिमाग तक पहुंच जाए, तो यह बल्ड फ्लो को रोक सकता है, जो जानलेवा साबित होता है.

इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke) का खतरा:  ऐसे कई मामले देखें जा चुके हैं जहां लव बाइट के कारण व्यक्ति को स्ट्रोक आया. दरअसल, गर्दन की 'कैरोटिड आर्टरी' पर ज्यादा दबाव पड़ने से वह ब्लॉक हो सकती है, जिससे दिमाग को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है और व्यक्ति को अचानक स्ट्रोक आ सकता है.

इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke) का खतरा: ऐसे कई मामले देखें जा चुके हैं जहां लव बाइट के कारण व्यक्ति को स्ट्रोक आया. दरअसल, गर्दन की ‘कैरोटिड आर्टरी’ पर ज्यादा दबाव पड़ने से वह ब्लॉक हो सकती है, जिससे दिमाग को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है और व्यक्ति को अचानक स्ट्रोक आ सकता है.

Published at : 10 Apr 2026 09:21 AM (IST)

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