लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 21 साल के मुकुल चौधरी ने वो काम कर दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. 182 रनों के चेज में लखनऊ ने 16 ओवर में 128 रनों पर सात विकेट गंवा दिए थे. मैच पूरी तरह से केकेआर की पकड़ में था. लेकिन मुकुल चौधरी के मन में कुछ और चल रहा था. वो हर ओवर में चौका-छक्का लगाकर मैच को करीब ले जाते रहे. लास्ट 2 ओवर में 30 रन बचे तो मुकुल ने 19वें ओवर में 16 रन बना दिए. अंतिम ओवर में 14 रन बनाने थे. आवेश ने सिंगल दिया तो मुकुल ने छक्का लगा दिया. फिर दो डॉट रहीं. अब दो गेंद में सात रन बनाने थे. मुकुल ने छक्का लगा दिया. लास्ट गेंद पर एक रन लेकर लखनऊ को हारी हुई बाजी जिता दी. मुकुल चौधरी ने सिर्फ 27 गेंद में नाबाद 54 रनों की मैच विनिंग पारी खेली.
लखनऊ सुपर जायंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 3 विकेट से हरा दिया है. मुकुल चौधरी ने अकेले पूरा मैच पलट कर रख दिया और लखनऊ को हारी हुई बाजी जिताकर ही दम लिया. ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मैच में कोलकाता की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 181 रन बनाए थे. जवाब में LSG के लिए मुकुल चौधरी ने अंतिम गेंद पर एक रन भागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की.
लखनऊ सुपर जायंट्स की पारी में 16वें ओवर तक KKR का जीतना तय लग रहा था. किसने सोचा था कि 21 साल के मुकुल चौधरी तबाही मचाते हुए पूरे मैच का रुख ही पलट कर रख देंगे. 16वें ओवर तक लखनऊ का स्कोर 128-7 था. 4 ओवर में लखनऊ को जीत के लिए 54 रन बनाने थे. 17वें ओवर के अंत तक भी कोलकाता की जीत की संभावनाएं प्रबल थीं.