- स्पाइसजेट 20% कर्मचारियों को हटाएगी, वित्तीय संकट से निपटेगी.
- सीनियर अफसरों को 2-3 महीने का वेतन नहीं मिला.
- विमान पट्टे विवाद में 68 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश.
- पायलटों को 21 दिन काम, 9 दिन छुट्टी मिलेगी.
देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस में से एक स्पाइसजेट फिलहाल बड़ी ही मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रही है. जिसके चलते कंपनी ने अपने साथ काम कर रहे स्टाफ को कम करने का फैसला किया है. कंपनी ने इस वित्तीय संकट से निपटने के लिए अपने स्टाफ में से 20 प्रतिशत को कम करने का मन बना लिया है. खबरों की मानें तो कंपनी जल्दी ही अपने कई कर्मचारियों को बिना वेतन दिए अस्थाई रूप से अवकाश पर भेजने वाली है.
सीनियर अफसरों को नहीं मिला वेतन
फिलहाल कंपनी में 6,800 कर्मचारी हैं, इन्हीं में से कई छटनी में बाहर कर दिए जाएंगे. तो वहीं कंपनी के पास अपने केवल 13 ही प्लेन बाकी रह गए हैं, जिनमें 10 बोइंग विमान हैं और 3 Q400 शामिल हैं. इसके अलावा 14 प्लेन लीज पर भी चल रहे हैं. अपनी वित्तीय परेशानियों के बीच कंपनी ने अन्य सीनियर कर्मचारियों की 2-3 महीने की सैलेरी भी नहीं दी है. TDS और PF की 100 करोड़ से भी ज्यादा की राशि बाकी है.
कर्ज में डूबी है SpiceJet
ये समस्या इसलिए आ रही है क्योंकि स्पाइसजेट के ऊपर काफी कर्ज है. हाल ही में इंग्लैंड की अदालत ने विमान पट्टे से जुड़े विवाद में एयरलाइन को लगभग 68 करोड़ रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं. इस नए फैसले की वजह से पहले से ही घाटे में चल रही कंपनी के ऊपर और भी ज्यादा वित्तीय संकट बढ़ गया है. एयरलाइंस ने अप्रैल 2025 से टीडीएस और जीएसटी भी जमा नहीं किया है. ऐसे में एयरलाइंस के स्टाफ और पायलटों के बीच भी टेंशन का माहौल है.
पायलट और क्रू तनाव में
SpiceJet में स्टाफ की कटौती से कई कर्मचारियों और उनके परिवारों में काफी तनाव का माहौल है. इस छंटनी में केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ और कुछ अधिकारियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है. कंपनी ने अभी तक ये साफ नहीं किया है कि कितनी नौकरियां जा रही हैं, लेकिन कंपनी के अंदर और आसपास से संकेत मिल रहे हैं कि छंटनी कई चरणों में हो रही है. तो वहीं पायलट्स को 21 दिन काम दिया जाएगा और 9 दिन उन्हें छुट्टी लेना होगी.