- टाटा कम्युनिकेशंस का मार्च तिमाही मुनाफा 65% घटकर 263 करोड़ रुपये रहा।
- बढ़ते खर्चों के चलते मुनाफे में गिरावट, आय में वृद्धि दर्ज हुई।
- डिजिटल और डेटा सर्विसेज से कमाई बढ़ी, पूरे साल का मुनाफा घटा।
- निवेशकों को 17.50 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की घोषणा।
Tata Communications Q4 Results: शेयर बाजार में कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी कर रही हैं. इसी कड़ी में Tata Communications ने मार्च तिमाही का ऐलान किया है. कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर 263 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया है. जो पिछले साल इसी अवधि में 761 करोड़ था. जो करीब 65.44 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है.
इस गिरावट की वजह बढ़ते खर्च को बताया जा रहा है. हालांकि डिजिटल और डेटा सर्विसेज की अच्छी ग्रोथ के चलते कंपनी की कमाई में बढ़त देखने को मिली हैं.
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
1. कंपनी के तिमाही आंकड़ों की बात करें तो कंपनी के मुनाफे में गिरावट देखने को मिली है. दिसंबर तिमाही के 364.28 करोड़ रुपये के मुकाबले नेट प्रॉफिट करीब 28 फीसदी कम हो गया. जबकि इसी दौरान ऑपरेशंस से आय में बढ़ोतरी देखने को मिली है. यह आंकड़ा 6,554 करोड़ हो गई है, जो पहले 5,990 रुपये करोड़ थी.
2. कंपनी की कुल कमाई में डेटा सर्विसेज का सबसे बड़ा योगदान रहा है. इस सेगमेंट से रेवेन्यू बढ़कर 5,704 करोड़ रुपये पहुंच गया है. जो पिछले साल इस अवधि में 5,121.55 करोड़ रुपये था.
3. वॉइस सॉल्यूशंस सेगमेंट में भी हल्की सुधार दिखने को मिली है. इस सेगमेंट में कमाई बढ़कर 387.56 करोड़ हो गई है. जबकि पिछले साल यह 374.12 करोड़ रुपये थी.
पूरे साल का प्रदर्शन मिला-जुला रहा
अगर पूरे साल के प्रदर्शन को देखें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,044 करोड़ रुपये रहा है. जो पिछले साल के मुकाबले करीब 35.8 फीसदी कम है. वहीं रेवेन्यू बढ़कर 24,803 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया है.
FY25 के मुकाबले इसमें करीब 7.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है. साफ तौर पर देखा जाए तो कंपनी की कमाई बढ़ी है, लेकिन मुनाफे पर दबाव बना हुआ है.
कंपनी ने दिया डिविडेंड का तोहफा
1. कंपनी ने मार्च तिमाही के नतीजों के साथ निवेशकों के लिए प्रति शेयर 17.50 रुपये का फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया हैं. जिसमें हर शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये है.
2. कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस डिविडेंड की सिफारिश की है. जिसे AGM में मंजूरी मिलने के बाद योग्य शेयरधारकों को दिया जाएगा.
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