400 स्टंटमैन ने ‘धुरंधर में किए खतरनाक एक्शन, आदित्य धर बोले- ‘मुंबई में कोई चेहरा नहीं बचा था…’

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‘धुरंधर’ को फैंस ने भर-भरकर प्यार दिया. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने कई रिकॉर्ड ब्रेक कर दिए. फिल्म को आदित्य धर ने बनाया है. आदित्य धर अब फिल्म की टीम के लिए पोस्ट कर रहे हैं और उनकी तारीफ कर रहे हैं. अब आदित्य ने एक्शन टीम के लिए पोस्ट किया और बताया कि कैसे फिल्म के खतरनाक सीन्स को शूट किया गया. 

आदित्य धर की पोस्ट

आदित्य धर ने एक्शन टीम के लिए पोस्ट लिखा. उन्होंने लिखा, ‘धुरंधर की मेरी एक्शन टीम के लिए- एजाज गुलाब, सी यंग ओह, यानिक बेन, रमजान बुलुत और विशाल त्यागी. कन्विक्शन और पागलपन के बीच एक बहुत पतली लकीर होती है. इस फिल्म में मैंने लगभग हर दिन उस लाइन को पार किया है. मैं एजाज भाई के पास ऐसे-ऐसे आइडिया लेकर जाता था, जो मुझे पता होता था कि वो बेतुके लगते हैं. जैसे किसी आदमी को एक बड़े से इंडस्ट्रियल प्रेशर कुकर के अंदर डालना, किसी को बिजी सड़क पर बाइक के पीछे गले में फंदा डालकर घसीटना. या तीस आदमियों को पंखों से उल्टा लटकाकर और घुमा देना. ये सिर्फ आइडिया नहीं थे ये बल्कि ऐसी परेशानी थी जिन्हें मैं उनको सौंप देता था.’ 

धुरंधर में थे 400 से भी ज्यादा स्टंटमैन

आगे उन्होंने कहा, ‘हर बार उनका जवाब एक ही होता था, चलो ठीक है कुछ सोचते हैं. मुझे अब भी शूट के दौरान का वो पल याद है जब मैंने एजाज भाई से कहा था हमारे पास स्टंटमैन कम पड़ रहे हैं. और उन्होंने बड़े आराम से जवाब दिया- ‘अब कोई बचा ही नहीं है, हमने मुंबई के लगभग हर स्टंटमैन को यूज कर लिया है. 400 से भी ज्यादा स्टंटमैन’. आज भी ये नंबर्स मुझे अविश्वसनीय लगते हैं. लेकिन धुरंधर के लिए इतने लोगों की जरूरत थी.’

आदित्य ने आगे लिखा, ‘सभी लोगों ने अपने काम को बहुत बारीकी से किया और उसमें बहुत अपनापन था. मिस्टर सी यंग ओह और उनकी जबरदस्त टीम ने एक्शन ही डिजाइन किया, साथ उन्होंने दोनों फिल्मों के शानदार क्लाइमैक्स को कोरियोग्राफ किया. उन्होंने ‘जसकीरत नरसंहार’ वाले सीन में ऐसी जान डाल दी. उस सीन को देखते हुए सासें ही थम जाती हैं. यानिक और रमजान ने पर्दे पर कंट्रोल अफरा-तफरी को जिंदा किया. फिर चाहे वो ‘अरशद पप्पू गैंगवार’ का पागलपन हो या फिर ‘बाबू डकैत’ का सफाया. फिल्म का हर फ्रेम बेहद शानदार था. विशाल (बाबा SFX) वो एक मजबूत रीढ़ की हड्डी की तरह खड़े रहे. एजाज भाई हमेशा मौजूद रहे. अब्बास अली मोगुल और उनकी पूरी टीम के सपोर्ट से, लगातार हर काम को और भी शानदार बनाने के लिए पुश किया.’





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