रामपुर जिला अस्पताल में बढ़े आंखों के मरीज, जानें गर्मी के मौसम में क्यों होती है दिक्कत?

693636a746295c925cc75cc47369d4f317778550047631257 original


भीषण गर्मी की वजह से आंखों से संबंधित बीमारियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच रामपुर के जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 40-50 मरीज आंखों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. बढ़ते तापमान को देखते हुए हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट मोड पर आ गया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.

कैसे नजर आ रहे लक्षण?

मौसम में बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की आंखों पर साफ दिखाई देने लगा है. रामपुर जिला अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आंखों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. मरीजों में आंखों से पानी आना, खुजली, सूजन, लालिमा और दर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं.

डॉक्टर ने बताई वजह

डॉ. संजय कपूर का कहना है कि तेज धूप, धूल और गर्म हवाओं की वजह से आंखों में संक्रमण और एलर्जी के मामले बढ़ रहे हैं. अस्पताल प्रशासन ने इन मरीजों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम किए हैं और दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.

गलती से भी न बरतें लापरवाही

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि गर्मियों में आंखों की समस्याएं बढ़ना आम बात है, लेकिन लापरवाही खतरनाक हो सकती है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा न लें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या सीएचसी/पीएचसी में जाकर जांच कराएं. उन्होंने बताया कि फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है, लेकिन बढ़ती गर्मी के बीच लोगों को भी अपनी सेहत को लेकर जागरूक रहने की जरूरत है, ताकि आंखों की इन समस्याओं से बचा जा सके.

गर्मियों में तेजी से होती हैं आंखों की ये बीमारियां

कंजंक्टिवाइटिस: यह गर्मियों में होने वाली सबसे कॉमन प्रॉब्लम है. यह बैक्टीरियल, वायरल या एलर्जी के कारण हो सकती है. पसीना, धूल और एक-दूसरे के संपर्क में आने से यह तेजी से फैलती है. इसमें आंखें लाल होना, सूजन आना, पानी गिरना, खुजली होना, दर्द, आंखों में पीला या सफेद कीचड़ आना जैसे लक्षण नजर आते हैं.

आंखों में एलर्जी: गर्मियों में लू, धूल के कण, प्रदूषण और परागकण आंखों में एलर्जी पैदा करते हैं. इसकी वजह से आंखों में तेज खुजली, लालिमा, जलन और बार-बार पानी आने की दिक्कत होती है.

ड्राई आई सिंड्रोम: चिलचिलाती धूप, लू और लंबे समय तक एसी बैठने के कारण आंखों की नमी कम हो जाती है और आंसू जल्दी सूख जाते हैं. इस दिक्कत में आंखों में सूखापन महसूस होने, जलन, आंखों में रेत या किरकिरी पड़ने और थकान जैसे लक्षण होते हैं. 

स्टाई या गुहेरी: गर्मियों में पसीने और गंदगी के कारण पलकों की ग्रंथियों में बैक्टीरिया का इंफेक्शन हो जाता है, जिससे पलक के किनारे पर छोटी फुंसी निकल आती है. पलक के किनारे पर लाल सूजन, दर्द, चुभन और छूने पर तकलीफ होना इसके लक्षण हैं.

यूवी किरणों से नुकसान: सूरज की अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें सीधे आंखों पर पड़ने से कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है. इसे ‘आंखों का सनबर्न’ भी कह सकते हैं. तेज रोशनी से परेशानी, आंखों में लालिमा, तेज दर्द और पानी आना इसके लक्षण हैं.

कॉर्नियल अल्सर: अगर एलर्जी या ड्राई आई के कारण आंखों को बहुत ज्यादा रगड़ा जाए या कॉन्टैक्ट लेंस साफ न रखे जाएं तो कॉर्निया पर घाव हो सकता है. यह गर्मियों में बैक्टीरिया पनपने के कारण बढ़ सकता है.

गर्मियों में आंखों को बचाने के तरीके

  • बाहर निकलते समय हमेशा अच्छी क्वालिटी के UV-प्रोटेक्टेड सनग्लासेस पहनें.
  • आंखों को दिन में 2-3 बार ठंडे और साफ पानी से धोएं.
  • गंदे हाथों से आंखों को छूने या रगड़ने से बचें.
  • अगर आप एसी में ज्यादा रहते हैं या कंप्यूटर पर काम करते हैं तो डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें.
  • आई फ्लू या इंफेक्शन होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. खुद से कोई दवा न डालें.
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि शरीर और आंखों में नमी बनी रहे.

ये भी पढ़ें: बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम बना खतरे की घंटी, एम्स के डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *