Share Market: चुनावी नतीजे के बाद गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले

6d6061808fd13454e714122b6e7f178717779533335621379 original


Share Market Today on May 5: शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद अब शेयर मार्केट धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है. अभी बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 152.22 अंक या 0.20 परसेंट की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. जबकि शुरुआती कारोबार में इसमें 420 अंक से ज्यादा की गिरावट देखी गई थी. इसी तरह से 55.75 अंक या 0.23 परसेंट की गिरावट से उबरकर निफ्टी अभी 51.90 अंक की कमजोरी के साथ 24067.40 पर बना हुआ है. 

क्यों आज गिरा शेयर बाजार? 

भू-राजनीतिक तनाव- मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों के सेंटिमेंट्स को कमजोर किया है.

कच्चा तेल- कच्चे तेल में तेजी के चलते घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने की चिंताएं अब लोगों को सता रही हैं.

रुपये में कमजोरी- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.33 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है. 

एशियाई बाजार

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच मंगलवार सुबह एशियाई इंडेक्स में सतर्कता देखने को मिली. हालांकि, चीन और जापान सहित ज्यादातर प्रमुख एशियाई इंडेक्स आज बंद हैं. कल, दक्षिण कोरियाई शेयरों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जो 28 सालों में उनकी सबसे मजबूत मासिक बढ़त के बाद आया है. बता दें कि सोमवार को कोस्पी इंडेक्स ने लगभग 31 परसेंट की तेजी दर्ज की. यह जनवरी 1988 के बाद दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार की सबसे मजबूत मासिक बढ़त है. 

अमेरिकी बाजार

तेल की कीमतों में जारी तेजी के बीच अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए. पश्चिम एशिया में तेल की कीमतें बढ़ने से इस क्षेत्र में अस्थिरता को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 557.37 अंक या 1.13 परसेंट गिरकर 48,941.90 पर बंद हुआ. S&P 500 0.41 परसेंट गिरकर 7,200.75 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.19 परसेंट गिरकर 25,067.80 पर बंद हुआ.

कच्चा तेल

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 1.31 परसेंट गिरकर 105.02 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स आज सुबह 0.58 परसेंट की गिरावट के साथ 113.77 डॉलर पर ट्रेड कर रहा. COMEX पर कच्चे तेल की कीमतें 1.4 परसेंट गिरकर 104.98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं. हालांकि, सोमवार रात को जब UAE के फुजैराह ने बताया कि ईरान की ओर से हुए ड्रोन हमले के बाद एक पेट्रोलियम इंडस्ट्रियल साइट पर आग लग गई थी, ऑयल फ्यूचर्स में बढ़त देखने को मिली. इस घटना के बाद WTI में 3 डॉलर से ज्यादा और ब्रेंट में 5 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की तेजी आई. 

ये भी पढ़ें:

8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग के 6 महीने पूरे, जानें सैलरी-पेंशन बढ़ने से कितने दूर केंद्रीय कर्मचारी? 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *