ECLGS 5.0 Scheme: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय एयरलाइंस पर लगातार बढ़ रहे वित्तीय दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम यानी ECLGS 5.0 को मंजूरी दे दी गई है. इस स्कीम के तहत एयरलाइन सेक्टर के लिए 5,000 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है.
सरकार ने इस स्कीम के तहत एयरलाइंस को उनकी पीक वर्किंग कैपिटल का 100 फीसदी तक अतिरिक्त कर्ज देने की सुविधा दी है हालांकि यह रकम प्रति एयरलाइन अधिकतम 1,500 करोड़ रुपये तक सीमित रहेगी.
आसान कर्ज और राहत की शर्तें
इस कर्ज पर सरकार 90 फीसदी तक की क्रेडिट गारंटी देगी और गारंटी फीस भी शून्य रखी गई है यानी एयरलाइंस को इसके लिए कोई अलग चार्ज नहीं देना होगा. जो एयरलाइंस इस स्कीम का फायदा उठाना चाहती हैं उनके लिए जरूरी है कि 31 मार्च 2026 तक उनकी क्रेडिट फैसिलिटी चालू हो और खाते NPA न हों. कर्ज की अवधि की बात करें तो एयरलाइन सेक्टर को 7 साल का लोन मिलेगा जिसमें पहले 2 साल मोरेटोरियम यानी किस्त नहीं चुकानी होगी. यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी.
Share Market: खुलते ही सरपट भागा आज शेयर बाजार, 406 अंक उछला सेंसेक्स; निफ्टी भी 138 अंक ऊपर
बढ़ती लागत के बीच सरकार का सहारा
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से एटीएफ यानी एयरक्राफ्ट फ्यूल के दाम तेजी से बढ़े हैं जिससे एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट पर भारी दबाव आया है. ऐसे में यह स्कीम एयरलाइंस को वर्किंग कैपिटल की कमी से उबारने और उनके ऑपरेशन को बिना रुकावट जारी रखने में मदद करेगी. इससे रोजगार बचाने और सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने में भी मदद मिलेगी.
गौरतलब है कि हाल के महीनों में IndiGo और Air India जैसी एयरलाइंस ने ईंधन की बढ़ती लागत की वजह से फ्यूल सरचार्ज लगाने के साथ-साथ कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें भी कम की हैं. इस पृष्ठभूमि में सरकार की यह पहल एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.
LPG Rate Today: जयपुर में 916 और पटना में 1002 रुपये है LPG की कीमत, जानें आपके शहर में क्या है भाव?