Assam Chief Ministers: यूनिवर्सिटी है या सीएम बनाने की फैक्ट्री? देश के इस कॉलेज ने असम को दिए हैं सात मुख्यमंत्री

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Assam Chief Ministers: असम में चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और वहां एक बार फिर हिमंता बिस्वा शर्मा की सरकार बन रही है. हिमंता लगातार दूसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं. असम में अब तक 15 मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जिनमें से 7 सीएम असम की एक यूनिवर्सिटी से ही निकले हैं. आइए जानते हैं कि कौन-सी यह यूनिवर्सिटी, जो असम को दे चुकी है 7 मुख्यमंत्री? 

आखिर कौन-सी है वह यूनिवर्सिटी?

असम के राजनीति में 7 मुख्यमंत्री देने वाली यूनिवर्सिटी है, गुवाहाटी की कॉटन यूनिवर्सिटी (पूर्व में कॉटन कॉलेज). इसी यूनिवर्सिटी को असम की राजनीति का केंद्र कहना गलत नहीं होगा. इसकी स्थापना आजादी से भी पहले 1901 में हुई थी. उस समय लोगों को उच्च शिक्षा के लिए कोलकाता जाना पड़ता था. ऐसे में तत्कालीन मुख्य आयुक्त सर हेनरी स्टैडमेन कॉटन ने इसकी नीव रखी, और इसे आधिकारिक तौर पर हिमंता बिस्वा शर्मा ने 2017 में यूनिवर्सिटी की मान्यता दिलवाई.

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कौन-कौन से मुख्यमंत्री रह चुके हैं इस यूनिवर्सिटी के छात्र?

तत्कालीन असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा 2021 में असम के मुख्यमंत्री बने और वह इस यूनिवर्सिटी से पढ़ने वाले 7वें मुख्यमंत्री थे, उनसे पहले भी 6 और अन्य मुख्यमंत्री इस यूनिवर्सिटी के छात्र रह चुके थे. उनके नाम कुछ इस प्रकार हैंः 

  • गोपीनाथ बोरदोलोई: वह 26 जनवरी 1950 से लेकर 06 अगस्त 1950 तक मुख्यमंत्री रहे.
  • महेन्द्र चौधरी: वह 11 नवंबर 1970 से लेकर 30 जनवरी 1972 तक मुख्यमंत्री रहे.
  • सरत चंद्र सिन्हा: यह 31 जनवरी 1972 से 12 मार्च 1978 तक मुख्यमंत्री रहे.
  • जोगेन्द्र नाथ हजारिका: यह 09 सितंबर 1979 से लेकर 11 दिसंबर 1979 तक मुख्यमंत्री रहे.
  • हितेश्वर सैकिया: 27 फरवरी 1983 से 23 दिसंबर 1985 तक और फिर 30 जून 1991 से 22 अप्रैल 1996 तक.
  • भूमिधर बर्मन: 22 अप्रैल 1996 से 14 मई 1996 तक.
  • हिमंता बिस्वा शर्मा: 10 मई 2021 से अब तक.

हिमंत बिस्वा शर्मा की राजनीति की शुरुआत में कॉटन कॉलेज की भूमिका 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा की राजनीति की शुरुआत में कॉटन कॉलेज (अब कॉटन यूनिवर्सिटी) की बहुत बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने यहां से 1990 में राजनीति विज्ञान (Political Science) में स्नातक (B.A.) और 1992 में इसी विषय में स्नातकोत्तर (M.A.) की डिग्री प्राप्त की. वह यहां छात्र राजनीति में भी काफी सक्रिय रहे और 1988 से 1992 के बीच 3 बार कॉटन कॉलेज के छात्र संघ के महासचिव भी रहे.

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