भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि उसका पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर प्रतिबंध जारी रहने वाला है. बुधवार को खेल मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की. इसके साथ ही भारत यदि किसी बहुपक्षीय इवेंट की मेजबानी करता है, तो पाकिस्तानी एथलीटों को भारत आने की अनुमति मिलेगी. भारत की टीम और खिलाड़ी उन सभी इवेंट्स में भाग ले पाएंगे, जिनमें पाकिस्तानी टीम या खिलाड़ी भाग ले रहे होंगे.
खेल मंत्रालय ने आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर बताया कि जहां तक द्विपक्षीय इवेंट की बात है, भारतीय एथलीट खेलने पाकिस्तान नहीं जाएंगे और ना ही पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत आने दिया जाएगा.
The Sports Ministry: Indian teams will not be participating in competitions in Pakistan. Nor will we permit Pakistani teams to play in India. With regard to international and multilateral events, in India or abroad, we are guided by the practices of international sports bodies… pic.twitter.com/DptfcYugvv
— IANS (@ians_india) May 6, 2026
भारत ओलंपिक और अंतर्राष्ट्रीय खेल दिशा-निर्देशों का पालन करना जारी रखेगा और वह ओलंपिक्स 2036 और साल 2030 में होने वाले राष्ट्रमण्डल खेलों की मेजबानी प्राप्त करने को प्रयासरत है. मंत्रालय ने कहा कि भारत या विदेश में आयोजित होने वाले बहुपक्षीय आयोजनों के संबंध में भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल दिशा-निर्देशों का पालन करेगा. इसलिए भारत की कोई टीम या खिलाड़ी उन सभी आयोजनों में भाग लेंगे, जिनमें पाकिस्तानी खिलाड़ी भी भाग ले रहे होंगे.
यह भी पढ़ें: ‘ब्राह्मणों को डर लगता है…’, थलापति विजय की जीत पर रविचंद्रन अश्विन ने क्यों बोला ऐसा?
भारत ने पाकिस्तान के साथ खेल द्विपक्षीय खेल संबंधों पर पहली बार रोक पिछले साल अगस्त में लगाई थी. उस समय भी खेल मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट किया था कि भारत किसी भी बहुपक्षीय खेल आयोजन में तब तक हस्तक्षेप नहीं करेगा जब तक कि पाकिस्तान उसका मेजबान न हो.
यह नीति क्रिकेट पर भी लागू होती है. बताते चलें कि टीम इंडिया ने आखिरी बार 2006 में पाकिस्तान जाकर किसी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज में भाग लिया था, उसके बाद भारतीय टीम कभी पाकिस्तान नहीं गई है.
यह भी पढ़ें: