How A Low Fat Vegan Diet Improves Health: लंबे समय से साइंटिस्ट यह मानते रहे हैं कि हमारा खानपान सीधे हमारी सेहत को प्रभावित करता है. लेकिन अब नई रिसर्च यह बता रही है कि हम क्या खाते हैं, इसका असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं बल्कि पर्यावरण पर भी पड़ता है. हाल ही में हुई एक क्लीनिकल स्टडी में सामने आया है कि कम वसा वाला शुद्ध शाकाहारी भोजन न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है.
क्या निकला रिसर्च में
यह स्टडी बीएमजे न्यूट्रिशन, प्रिवेंशन एंड हेल्थ नाम की पत्रिका में पब्लिश हुआ है. इस रिसर्च का नेतृत्व डॉ. हाना काहलेओवा और उनकी टीम ने किया. खास बात यह रही कि यह स्टडी केवल अनुमान या कंप्यूटर मॉडल पर आधारित नहीं था, बल्कि इसमें वास्तविक लोगों की खानपान की आदतों और उनके शरीर पर पड़ने वाले असर को विस्तार से देखा गया.
ऐसे हुई तुलना
रिसर्च में दो तरह के खानपान की तुलना की गई. पहला कम वसा वाला शुद्ध शाकाहारी भोजन था, जिसमें मांस, दूध और अंडे जैसी पशु आधारित चीजें शामिल नहीं थीं. दूसरा मेडिटेरियन फूड था, जिसमें मछली, जैतून का तेल, सब्जियां और सीमित मात्रा में मांस व डेयरी उत्पाद शामिल थे. दोनों तरह के भोजन को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है.
क्या निकला रिजल्ट
इस स्टडी में अधिक वजन वाले 62 एडल्ट को शामिल किया गया. सभी प्रतिभागियों ने 16 हफ्तों तक एक प्रकार का भोजन अपनाया और फिर अगले 16 हफ्तों तक दूसरे प्रकार का भोजन लिया. इससे रिसर्चर को दोनों खानपान के प्रभावों की बेहतर तुलना करने में मदद मिली. रिसर्च के नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे. जिन लोगों ने शुद्ध शाकाहारी भोजन अपनाया, उनके खानपान से जुड़ा प्रदूषण लगभग 57 प्रतिशत तक कम हो गया. वहीं मेडिटेरियन फूड में यह कमी करीब 20 प्रतिशत रही. यानी शुद्ध शाकाहारी भोजन का पर्यावरण पर असर काफी कम पाया गया.
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हेल्थ पर क्या हुआ असर
सेहत के मामले में भी इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए. शुद्ध शाकाहारी भोजन लेने वाले लोगों का वजन तेजी से घटा, ब्लड शुगर नियंत्रण बेहतर हुआ और कोलेस्ट्रॉल स्तर में भी सुधार देखा गया. ये सभी बातें हार्ट रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने से जुड़ी मानी जाती हैं. रिसर्चर का कहना है कि पशु आधारित खाद्य पदार्थों के उत्पादन में ज्यादा संसाधन लगते हैं और उससे अधिक प्रदूषण पैदा होता है. ऐसे में पौधों पर आधारित भोजन अपनाना शरीर और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.