Loan Recovery: क्या आपने भी अपनी प्रॉपर्टी के लिए बैंक से लोन लिया है? अगर हां तो ये नए RBI के नियम आपको जरूर जान लेना चाहिए. क्योंकि अगर नहीं जानेंगे तो हो सकता है कि आपकी प्रॉपर्टी जब्त हो जाए. भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को नए मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं. जिसके बाद अब यदि कोई व्यक्ति लोन नहीं भर पाएगा तो बैंक उसकी रिकवरी के लिए प्रॉपर्टी को जब्त कर सकता है.
क्या कहते हैं नए नियम?
दरअसल इन नए मसौदा नियमों के अंतर्गत बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लोन रिकवरी की प्रक्रिया में सिर्फ अपवादस्वरूप ही अचल संपत्तियों का अधिग्रहण कर सकेंगी. इसके साथ ही सेंट्रल बैंक ने ये भी साफ किया है कि, विनियमित इकाइयों (RE) से सामान्य परिस्थितियों में अपेक्षा नहीं की जाती कि वे अपनी नियमित कर्ज गतिविधियों के बदले गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों पर कब्जा करें.
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पारदर्शी तरीके से होगी कार्रवाई
इस नियम के तहत खराब लोन (NPA) से जुड़ी संपत्तियों के निपटान के नियम बताए गए हैं. RBI का कहना है कि ऐसी संपत्तियों को तय समय के भीतर और पारदर्शी तरीके से बेचना या निपटाना जरूरी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसा वापस मिल सके. ये नियम सिर्फ उन्हीं लोन पर लागू होगा जिन्हें पहले से NPA यानी खराब कर्ज घोषित किया जा चुका है.
इसके अलावा, बैंक को पहले बाकी सभी वसूली के तरीके आजमाने होंगे. अगर उनसे पैसा वापस नहीं मिलता, तभी ये प्रावधान लागू होगा. स्पेसिफाइड नॉन फाइनेंशियल एसेट यानी ऐसी अचल संपत्ति (जमीन, मकान, बिल्डिंग आदि) को बैंक या वित्तीय संस्था कर्ज की वसूली के बदले लोन लेने वाले से अपने कब्जे में लेगा. इसमें नॉन बैंकिंग एसेट (NBA) यानी गैर-बैंकिंग परिसंपत्तियां भी शामिल होंगी.
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