Difference Between SIP and Step up SIP: महंगाई के इस दौर में हर कोई चाहता है कि वो ज्यादा से ज्यााद पैसा सेव कर ले. पैसे सेव करने के लिए लोग इनवेस्टमेंट करते हैं, जिससे ब्याज मिलता है और पैसा सेव होता है. इसके लिए लोग सबसे ज्यादा SIP का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि SIP के अलावा स्टेप-अप एसआईपी भी होती है, जो आपके लिए बेहतर निवेश भी बन सकती है.
SIP क्या है?
एसआईपी को सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान कहते हैं. ये निवेश का सबसे सरल और सबसे ज्यादा प्रचलित तरीका है. इसमें हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में बतौर किश्त जमा की जाती है. इसके बाद बाजार के भाव के मुताबिक इसमें उतार- चढ़ाव होता है. धीरे- धीरे करके ये कुछ सालों में एक मजबूत निवेश बन जाता है.
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Step-Up SIP क्या है?
स्टेप-अप एसआईपी, आम एसआईपी का ही एक एडवांस रूप है. इसमें व्यक्ति हर साल अपनी निवेश की गई राशि को बढ़ाता जाता है, इससे ये समय के साथ आम निवेश से ज्यादा बढ़ जाती है. जैसे समय के साथ आय बढ़ती है वैसे ही स्टेपअप एसआईपी में भी समय के साथ किश्त राशि को बढ़ाया जाता है.
SIP और Step-Up SIP में अंतर?
एसआईपी में आप एक तय अमाउंट सालों तक निवेश करते हैं जिससे साल की दर के हिसाब से ब्याज लगता है और ये राशि बढ़ती है. तो वहीं स्टेपअप एसआईपी के जरिए आप तय अमाउंट को बढ़ाकर हर साल ब्याज दर बढ़ा सकते हैं, ये ज्यादा फायदेमंद होती है.
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स्टेप-अप एसआईपी को उदाहरण के साथ समझिए
- मान लीजिए आपने हर महीने के हिसाब से 5 हजार रुपये की SIP ली है.
- इसे 12 महीने तक निवेश करने पर 60 हजार का निवेश होता है और इस पर 10 से 12 प्रतिशत ब्याज बढ़ता है.
- एक साल होने के बाद अगर आपने SIP बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दी, तो सालभर का 72 हजार निवेश होगा.
- तो वहीं इस 72 हजार रुपये पर ब्याज मिलेगा, ऐसे में आपका निवेश बढ़ेगा लेकिन साथ ही ब्याज भी मिलेगा और सेविंग ज्यादा होगी.