What Happens If You Eat The Same Food Every Day: हर दिन एक ही तरह का खाना खाना कई लोगों को आसान और सुरक्षित लगता है. एक जैसा नाश्ता, वही दोपहर का भोजन और रात में भी वही थाली. इससे समय बचता है, खाने को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं पड़ती और लोग मानते हैं कि इससे शरीर भी संतुलित रहता है. लेकिन शरीर का डाइजेशन सिस्टम सिर्फ नियम से नहीं, बल्कि भोजन में बदलाव और विविधता से भी स्वस्थ रहता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल की क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट चारु दुआ के अनुसार हमारे पेट के भीतर करोड़ों सूक्ष्म जीव मौजूद होते हैं, जो पाचन और शरीर की सेहत में बड़ी भूमिका निभाते हैं. इन सभी को अलग-अलग तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है. जब लंबे समय तक एक ही प्रकार का भोजन खाया जाता है, तो शरीर को कई जरूरी रेशे और प्राकृतिक तत्व नहीं मिल पाते. इसका असर धीरे-धीरे पेट के भीतर मौजूद अच्छे जीवों पर पड़ने लगता है.
रिसर्च में यह पाया गया कि जो लोग सप्ताहभर में अलग-अलग तरह की वनस्पति आधारित चीजें खाते हैं, उनके पेट के जीव ज्यादा मजबूत और संतुलित रहते हैं. वहीं सीमित भोजन खाने वालों में यह विविधता कम देखी गई. यही विविधता अच्छे पाचन और मजबूत शरीर की पहचान मानी जाती है.
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क्या होती है इससे दिक्कत?
चारु दुआ बताती हैं कि बार-बार एक जैसा भोजन खाने से शरीर के भीतर मौजूद सूक्ष्म जीवों की ताकत धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है. इसका असर शुरुआत में मामूली दिखता है, लेकिन समय के साथ पेट फूलना, कब्ज, भारीपन और कुछ चीजों का ठीक से न पचना जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. कई लोग यह सोचते हैं कि अगर उनकी थाली में दाल, चावल और सब्जी है तो शरीर को सबकुछ मिल रहा है. लेकिन सच यह है कि अलग-अलग अनाज, फल और सब्जियों में मौजूद रेशे भी अलग होते हैं. यही बदलाव पेट के भीतर मौजूद जीवों को संतुलित रखते हैं.
क्या हैं इसके फायदे?
हालांकि रोजमर्रा के भोजन में कुछ स्थिरता के भी फायदे हैं. इससे वजन कंट्रोल रखना आसान होता है, खाने की आदतें नियमित रहती हैं और शरीर को एक तय समय पर भोजन मिलने लगता है. लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब महीनों और सालों तक भोजन में कोई बदलाव नहीं किया जाता. एक्सपर्ट का कहना है कि अचानक पूरी खाने की आदत बदलने की जरूरत नहीं है. छोटे-छोटे बदलाव ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं. जैसे कभी चावल की जगह मोटा अनाज लेना, मौसम के अनुसार सब्जियां बदलना, अलग-अलग दालों को शामिल करना और दही या छाछ जैसी चीजों को भोजन में जोड़ना.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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