IT सेक्टर में महा-छंटनी, अब ये कंपनी निकालेगी 15000 कर्मचारी, भारत पर टूटेगा दुखों का पहाड़!

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  • कॉग्निजेंट ‘प्रोजेक्ट लीप’ के तहत 12,000-15,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है.
  • इसमें से ज्यादातर छंटनी भारत स्थित कर्मचारियों पर होने की आशंका है.
  • कंपनी पुराने मॉडल से हटकर AI-बेस्ड और लीन मॉडल अपना रही है.
  • घटती मांग के कारण कंपनी गैर-जरूरी खर्च कम कर नई तकनीक में निवेश करेगी.

Cognizant Layoff News: IT सेक्टर में एक बार फिर छंटनी का दौर एक बार फिर शुरू हो सकता है. खबरों के मुताबिक, दिग्गज अमेरिकी आईटी कंपनी Cognizant अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती करने पर विचार कर रही है और इसका असर भारत में बड़ी संख्या में इसके कर्मचारियों पर पड़ने की आशंका है.

बताया जा रहा है कि कंपनी अपने ‘प्रोजेक्ट लीप’ के तहत ग्लोबल लेवल पर करीब 12,000 से 15,000 कर्मचारियों की छंटनी के बारे में सोच रही है. Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर छंटनी भारत में होने की आशंका जताई जा रही है. 

‘प्रोजेक्ट लीप’ के तहत होगी छंटनी

बीते 29 अप्रैल को, Nasdaq में लिस्टेड इस कंपनी ने बताया कि उसे अपनी नई इनीशिएटिव ‘Project Leap’ के तहत कर्मचारियों को नौकरी से हटाने पर 230 डॉलर मिलियन से 320 मिलियन डॉलर के बीच खर्च होने की उम्मीद है.

यानी कि छंटनी के चलते कंपनी को मुआवजे के रूप में 230 डॉलर मिलियन से 320 मिलियन डॉलर (1900-2600 करोड़) का खर्च उठाना पड़ सकता है.  हालांकि, कंपनी ने नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा अभी तक जारी नहीं किया है.  

भारत पर सबसे ज्यादा असर क्यों?

Cognizant में इस समय दुनिया भर में 357,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, जिनमे से  250,000 से ज्यादा कर्मचारी भारत में काम करते हैं. चूंकि भारत में कर्मचारियों का वेतन और सेवरेंस पे विकसित देशों के मुकाबले कम है इसलिए इस कटौती का सबसे बड़ा हिस्सा भारत से होने की संभावना है. 

क्यों छंटनी करने के मूड में कंपनी?

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपने पुराने मॉडल से हटकर नए AI-बेस्ड और लीन मॉडल को अपनाने पर जोर रहे हैं. कंपनी अब अपने पिरामिड मॉडल के तहत एक साथ बहुत सारे सीनियर और जूनियर्स के साथ मिलकर काम करने में इच्छुक नहीं है. कंपनी आईटी सेक्टर में घटती मांग के कारण अपने गैर-जरूरी खर्चों को कम कर नई तकनीक में निवेश करना चाहती है ताकि लागत में कमी आए. 

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