Ways to refund money: अगर आपने भी 10 लाख रुपये से ज्यादा की कार खरीदी है, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, अब 10 लाख रुपये से ज्यादा महंगी गाड़ी खरीदने पर आपको TCS (Tax Collected at Source) के रूप में एक अतिरिक्त राशि का भुगतान करना बेहद ही जरूरी हो जाएगा. जानकारी के मुताबिक, आयकर नियमों में 10 लाख रुपये से ज्यादा की महंगी गाड़ियों को खरीदने पर शोरूम द्वारा 1 प्रतिशत का TCS काटा जाता है. लेकिन, इसमें खास बात यह है कि आपका पैसा कही डूबता नहीं है, बल्कि आप अपने पैसे को वापस भी पा सकते हैं.
यहां जानें आखिर कैसे काम करता है यह स्कीम?
यह तो सभी जानते हैं कि जैसे ही आप नई गाड़ी खरीदते हैं तो, डीलर आपसे कार की कीमत का 1 प्रतिशत टैक्स जरूर वसूलता है जहां वसूले गए टैक्स को सरकार के पास जमा किया जाता है. यह आपके Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) में दिखाई देता है, जो असल में आपके एडवांस में चुकाया गया टैक्स है.
आप किन तरीकों से पा सकते हैं अपने पैसे?
तीन मुख्य तरीकों से आप अपने राशि को बेहद ही आसानी से पा सकते हैं. सबसे पहले आप साल के आखिरी में अपना Income Tax Return (ITR) को पूरी तरह से फाइल कर सकते हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ अगर आपकी टैक्स देनदार TCS से बेहद ही कम है तो आपका पैसा सीधे आपके बैंक के खाते में ही आसानी से रिफंड हो जाएगा. इतना ही नहीं, अगर आपको पूरे साल की कमाई पर एक साथ ही टैक्स चुकाना है तो आप चाहें तो अपनी 1 प्रतिशत की TCS राशि को पूरी तरह से घटा भी सकते हैं.
हांलाकि, जो लोग नौकरी में हैं उन्हें यहां एक सबसे बेहतरीन विकल्प दिया जाता है, जहां कर्मचारियों को गाड़ी खरीद की रसीद को सही तरीके से जमा करना होता है. जहां, कंपनी आपकी सैलरी से काटने वाले TDS को पूरी तरह से कम कर देती है.
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इन जरूरी दस्तावेजों के बिना नहीं हो पाएगा काम
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आपको इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने साथ रखना होगा. जिसमें सबसे पहले TCS सर्टिफिकेट (Form 27D), जहां कार डीलर इस सर्टिफिकेट को आपसे जरूर मांगेगा. इसके अलावा इस बात का खास ध्यान रखें कि AIS चेक करने के दौरान कार डीलर ने आपके PAN पर यह टैक्स जमा किया है या फिर नहीं.