इंडियन प्रीमियर लीग के मैचों में अक्सर आपने देखा होगा कि डॉट गेंद होने पर हरा पेड़ दिखाया जाता है. इस हरे पेड़ का मतलब क्या होता है इसका भला IPL से क्या लेना-देना. दरअसल टाटा ग्रुप के साथ मिलकर BCCI ने मिलकर एक हरित पहल की शुरुआत की थी. साल 2023 में इस पहल की शुरुआत हुई थी, जिसके तहत आईपीएल के मैचों में फेंकी गई हर एक डॉट गेंद के लिए 19 पेड़ लगाए जाएंगे. हालांकि प्लेऑफ मैचों के लिए पेड़ों की संख्या बढ़कर 500 हो जाती है. मतलब प्लेऑफ मैचों में प्रत्येक डॉट गेंद के लिए बीसीसीआई 500 पेड़ लगाती है.
आईपीएल के मैचों में जब भी कोई डॉट गेंद फेंकी जाती है, उसके लिए 19 पेड़ लगाए जाते हैं. बताया जा रहा है कि IPL 2026 में अब तक इस पहल के तहत 6 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं. मान लीजिए यदि आईपीएल मैच की दोनों पारियों में मिलाकर 50 डॉट गेंद फेंकी जाती हैं तो उसके लिए 950 पेड़ लगाए जाएंगे.
गेंदबाजों की बात करें तो आईपीएल 2026 में अकेले मोहम्मद सिराज ही 109 डॉट बॉल फेंक चुके हैं. वहीं जोफ्रा आर्चर और कगिसो रबाड़ा भी इस सीजन 100 से अधिक डॉट बॉल कर चुके हैं. इसका मतलब ये तीन गेंदबाज ही अब तक पूरे सीजन में 6,000 से अधिक पेड़ लगाए जाने का कारण बन चुके हैं. मोहम्मद शमी और अंशुल कंबोज ने भी इस सीजन ढेरों डॉट गेंद फेंकी हैं.
एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा डॉट बॉल फेंकने का रिकॉर्ड डेल स्टेन के नाम है. उन्होंने 2013 सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए 211 डॉट बॉल फेंकी थीं. मगर उन दिनों बीसीसीआई की यह हरित क्रांति शुरू नहीं हुई थी. आमतौर पर एक सीजन में 3000-5000 डॉट बॉल फेंकी जाती हैं. उस आधार पर बीसीसीआई प्रत्येक सीजन लाखों पेड़ लगाकर दुनिया भर में लोगों को हरित क्रांति से जुड़ने की प्रेरणा देता है.
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