‘जरूरत से ज्यादा सख्त होने की जरूरत नहीं…’ गंभीर पर गांगुली का बयान वायरल

553efa41243162ba9340afcf73c6741517743199516101252 original


टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की काफी तारीफ हो रही है. उनके कार्यकाल में भारत ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम ने एक बार फिर बड़ा आईसीसी खिताब जीता है. हालांकि इस बीच पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने गंभीर को लेकर एक अहम सलाह भी दी है. गांगुली का मानना है कि गंभीर के अंदर जीतने का जज्बा बहुत मजबूत है, लेकिन उन्हें अपने रवैये में थोड़ी नरमी लाने की जरूरत है.

गांगुली ने कहा कि गौतम गंभीर बेहद प्रतिस्पर्धी इंसान हैं और वह हर हाल में जीतना चाहते हैं. यही बात उन्हें दूसरों से अलग बनाती है. हालांकि, उनके मुताबिक, गंभीर को प्रभावी बनने के लिए जरूरत से ज्यादा सख्त और कठोर होने की जरूरत नहीं है. गांगुली ने ये भी कहा कि गंभीर एक अच्छे इंसान हैं.

टीम फर्स्ट सोच की तारीफ

सौरव गांगुली ने गंभीर की एक बात की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि गंभीर ने टीम में ‘टीम फर्स्ट’ सोच को मजबूत किया है. यानी ध्यान किसी एक स्टार खिलाड़ी पर नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन पर रहा है. यह किसी भी सफल टीम की बड़ी पहचान होती है. गांगुली का मानना है कि गंभीर इस मामले में अच्छा काम कर रहे हैं और इसी वजह से भारत को सफेद गेंद के क्रिकेट में सफलता मिली है.

टेस्ट क्रिकेट को लेकर भी दी सलाह

गांगुली ने आगे कहा कि गंभीर को टेस्ट क्रिकेट में भी भारत के प्रदर्शन पर खास ध्यान देना होगा. उनके मुताबिक, भारत के पास अच्छे तेज गेंदबाज और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है, इसलिए घरेलू टेस्ट मैचों में जरूरत से ज्यादा टर्निंग ट्रैक बनाने की सोच से बाहर आना चाहिए.

गांगुली का मानना है कि अच्छी और संतुलित पिचों पर भी भारतीय गेंदबाज मैच जिता सकते हैं. उन्होंने इशारा किया कि घरेलू परिस्थितियों को सिर्फ स्पिन के हिसाब से तैयार करने की आदत लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकती है. अगर भारत को टेस्ट क्रिकेट में लगातार मजबूत बने रहना है, तो पिच को दिमाग से निकालना पड़ेगा.

2027 वर्ल्ड कप को बताया असली परीक्षा

पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि गंभीर ने सफेद गेंद के क्रिकेट में अब तक अच्छा काम किया है, लेकिन उनकी असली परीक्षा 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगी. साउथ अफ्रीका की परिस्थितियां भारत के लिए आसान नहीं होंगी, इसलिए वहां कोच और टीम दोनों को अलग तरह की चुनौती मिलेगी. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *