ईरान टेंशन से बेपरवाह बाजार, 1200 अंक उछलकर सेंसेक्स बंद, जानें 27 मार्च को कैसी रहेगी चाल

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Stock Market News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से आए सकारात्मक संकेतों का भारतीय शेयर बाजार पर अच्छा असर देखने को मिला. लगातार दूसरे दिन बुधवार को घरेलू बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ. बीएसई सेंसेक्स 1,205 अंक उछलकर 75,273.45 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 394.05 अंक की बढ़त के साथ 23,306.45 पर पहुंच गया.

कौन से टॉप गेनर?

कारोबार के अंत में अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर रहा, जिसके शेयरों में 4.39 प्रतिशत की तेजी आई. इसके अलावा लार्सन एंड टर्बो में 4.00 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 3.82 प्रतिशत, टाइटन में 3.50 प्रतिशत और ट्रेंट के शेयरों में 3.39 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई.

वहीं दूसरी ओर, टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में रहा, जिसमें 1.87 प्रतिशत की कमजोरी आई. इसके अलावा पावर ग्रिड में 1.42 प्रतिशत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 0.87 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.27 प्रतिशत और इन्फोसिस के शेयरों में 0.09 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.07 प्रतिशत गिरकर 99.19 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च चीफ विनोद नायर का कहना है कि वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार और पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद बढ़ने से शेयर बाजारों में तेजी बनी रही. अमेरिका और ईरान के बयानों में विरोधाभास के बावजूद, दोनों देशों के बीच संभावित राजनयिक प्रगति के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर से नीचे आ गईं, जिसका बाजार ने स्वागत किया.

छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 3.05 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 2.50 प्रतिशत बढ़ा. एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए. वहीं, यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा, जबकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए.

लाइवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के. की मानें तो बाजार में सकारात्मक माहौल का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान संघर्ष में संभावित विराम के संकेत हैं. संभावित युद्धविराम और राजनयिक प्रयासों से तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति दिख रही है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोधाभासी बयानों के कारण स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है.

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)



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