मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच 200 डॉलर तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, नई वॉर्निंग से वैश्विक बाजार में हड़कंप

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Crude Oil Price Jumps: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है और अब तेल की कीमतों को लेकर बेहद गंभीर चेतावनियां सामने आ रही हैं. Macquarie Group के विश्लेषकों का कहना है कि हालात को अभी कमतर आंका जा रहा है. अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो क्रूड ऑयल 150 डॉलर ही नहीं बल्कि 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है.

150 नहीं 200 डॉलर तक पहुंचने की वॉर्निंग

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, 27 मार्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर Strait of Hormuz लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा और मांग के मुकाबले तेल की उपलब्धता बेहद कम हो सकती है. इससे कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, आगे क्या होगा यह तीन बातों पर निर्भर करेगा.

हॉर्मुज कब तक बंद रहता है 
एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को कितना नुकसान होता है
सप्लाई चेन कितनी जल्दी सामान्य होती है

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद का असर

फिलहाल ब्रेंट क्रूड हाल के उच्च स्तर 119.50 डॉलर से गिरकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर है, लेकिन इतिहास बताता है कि हालात बिगड़ने पर कीमतें कितनी तेजी से बढ़ सकती हैं. साल 2008 में यह 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी थी.

दरअसल, दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई इसी हॉर्मुज मार्ग से गुजरती है. ऐसे में इस रास्ते में रुकावट का मतलब है- सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर.

इस बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी टकराव को करीब चार हफ्ते हो चुके हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही कुछ समय के लिए हमले टालने की बात कही हो, लेकिन जंग खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत अभी नजर नहीं आ रहे. ऐसे में अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो दुनिया को सिर्फ महंगे तेल ही नहीं बल्कि एक बड़े आर्थिक झटके का भी सामना करना पड़ सकता है.

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