LPG Cylinder Price: आज आपके शहर में कितनी है घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत, चेक करें रेट

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  • सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता रखी है.
  • कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ी, घरेलू सिलेंडर स्थिर रहा.
  • छह वर्षों में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भारी वृद्धि हुई.
  • पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट में ईंधन खपत संयम की अपील की.

LPG Cylinder Rate Today on May 11: सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों जैसे कि आईओसी (IOC), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) ने आज भी देश भर में गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी हैं.

मई की पहली तारीख को जहां एक ओर 19 किलो गैस वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई, तो वहीं दूसरी तरफ पांच किलो वाले छोटू सिलेंडर की कीमत में 261 रुपये का इजाफा किया गया. हालांकि, इन सबके बीच 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. पिछले एक साल में इसमें केवल 60 रुपये की ही वृद्धि हुई है.

छह साल में बंपर उछाल

19 किलो वाले एलपीजी गैस वाले कॉमर्शियल सिलेंडर को हलवाई सिलेंडर के नाम से भी जाना जाता है. बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स से लेकर स्ट्रीट साइड फूड वेंडर्स भी इसका इस्तेमाल करते हैं. आज से छह साल पहले यानी कि मई 2020 में इसकी कीमत दिल्ली में 1144.50 रुपये थी, जो मई 2026 में बढ़कर सीधे 3071.50 रुपये तक पहुंच गई है. यानी कि कीमत में महज छह साल में 1927 रुपये का इजाफा हुआ है. इस महंगाई ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है. 

आज LPG सिलेंडर की कीमत

शहर घरेलू सिलेंडर की कीमत  कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 
दिल्ली 913.0 रुपये 3071.5 रुपये
मुंबई 912.5 रुपये 3024.0 रुपये
बेंगलुरु 915.5 रुपये 3152.0 रुपये
चेन्नई 928.5 रुपये 3237.0 रुपये
पटना 1002.5 रुपये 3347.0 रुपये
लखनऊ 950.5 रुपये 3194.0 रुपये
जयपुर  916.5 रुपये 3099.0 रुपये
अमृतसर  954.0 रुपये 3178.0 रुपये
कोलकाता 939.0 रुपये 3202.5रुपये

पीएम मोदी की जनता से अपील

हैदराबाद में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से ईंधन की खपत में संयम बरतने की अपील की है. चूंकि भारत ईंधन की आयात पर बड़े पैमाने पर निर्भर है इसलिए पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच पेट्रोलियम उत्पादों का समझदारी से इस्तेमाल की जरूरत है.

ईरान-अमेरिका में जारी जंग और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी से कच्चे तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ सकता है. ईंधन के सही इस्तेमाल से हम विदेशी मुद्रा की बचत कर सकते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए जरूरी है. 

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