बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान को पहले टेस्ट में 104 रनों की हार मिली. यह टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है. कुछ पाकिस्तानी फैंस इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं, लेकिन पूर्व क्रिकेटर बासित अली अपनी ही टीम पर बरस पड़े हैं. उन्होंने साफ कह दिया कि पाकिस्तान क्रिकेट मरने की हालत में है.
जबसे शान मसूद पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान बने हैं, तब से लेकर उसने 15 टेस्ट मैच खेले हैं और सिर्फ चार जीते हैं. बासित अली ने इसी रिकॉर्ड के लिए कप्तान शान मसूद को खूब खरी खोटी सुनाई. यहां तक कि बांग्लादेश के खिलाफ खेले पिछले तीन टेस्ट मैचों में पाक टीम को लगातार हार झेलनी पडी है.
टेस्ट क्रिकेट मर जाएगी
पाकिस्तान टीम का हाल देखकर बासित अली ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में 2 टियर वाली प्रणाली आनी ही चाहिए. उन्होंने कहा, “2027 के बाद 2 टियर वाला सिस्टम लाजिमी होगा वरना टेस्ट क्रिकेट मर जाएगी. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, भारत, दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट मैच देखने में मजा आता है. मगर पाकिस्तान, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज से ऐसा क्रिकेट खेलेगी तो 2 टियर वाले सिस्टम पर ठप्पा लग जाएगा.”
कप्तान को बुरी तरह लताड़ा
बासित अली ने इंजमाम उल हक और मिस्बाह उल हक के समय को याद दिलाया. उन्होंने बताया कि मिस्बाह उल हक की कप्तानी में पाक टीम 56 टेस्ट मैचों में 19 बार हारी, जबकि इंजमाम की कप्तानी में 31 मैचों में 11 बार हार मिली. बासित ने बताया कि उनकी कप्तानी में पाकिस्तान टीम बाहर जाकर जीतती थीं, लेकिन शान मसूद कप्तानी वाला मैटेरियल नहीं हैं.
उन्होंने कहा, “शान मसूद अपनी कप्तानी में 15 में से 11 टेस्ट मैच हार चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी से मुझे कोई दिक्कत नहीं है, वह बहुत अच्छा लड़का है लेकिन वो कप्तानी वाला मैटेरियल नहीं है. जिन्होंने उसे कप्तान बनाया है, यह उनकी गलती है.”
बासित अली ने गुस्सैल रवैये में कहा कि कप्तान का बहुत बड़ा रोल होता है. उसी को तय करना होता है कि किस गेंदबाज से विपक्षी बल्लेबाजों को आउट करवाना है. शान मसूद के फैसलों पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि नोमान अली कोई ऐसा गेंदबाज नहीं है जिसे 35 ओवर के बाद गेंद थमाई जाए.