
जब शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है तो उसे खुद को ठंडा रखने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. वही लगातार पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है. जिसका असर खून के बहाव पर भी पड़ता है. कई लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे शरीर “सूख” रहा हो, होंठ फटने लगते हैं, सिर भारी रहता है और हाथ-पैरों में जलन होने लगती है. कई बार तो तेज गर्मी के कारण स्किन पर लाल चकत्ते, जलन और सूजन भी होने लगती है. डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक धूप में रहने से हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी खतरनाक स्थिति बन सकती है, जिसमें इंसान बेहोश तक हो जाता है.

बहुत कम लोग जानते हैं कि ज्यादा गर्मी इंसान के दिमाग और मानसिक हालत को भी प्रभावित करती है. लगातार गर्मी में रहने से चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बेचैनी और तनाव बढ़ जाता है. वही कई लोगों को नींद न आने की समस्या रहती है, सिर दर्द रहता है और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है. ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेज गर्मी दिमाग की काम करने की क्षमता को भी कमजोर कर देती है. वही इसका असर पढ़ाई करने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस में काम करने वाले लोग तक महसूस करते हैं. साथ ही शरीर जब अंदर से परेशान होता है तो उसका असर सीधे इंसान के मूड और सोच पर भी दिखने लगता है
Published at : 11 May 2026 09:06 PM (IST)