ईरान वॉर का एक महीना: अमेरिका में रह रहे भारतीयों की सैलरी कैसे बढ़ गई?

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Iran-Israel War: ईरान में इजरायल और अमेरिका ने जब से जंग का आगाज किया है, तब से लेकर अब तक अमेरिका में रह रहे भारतीयों की सैलरी में गजब का उछाल आया है. इन्हें अब पहले के मुकाबले तनख्वाह बढ़कर मिल रही है. आखिर क्या है इसकी वजह? इसका जवाब है मार्च के महीने में डॉलर के मुकाबले आई रुपये में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट.

28 फरवरी को जब ईरान में युद्ध शुरू हुआ था, तब एक डॉलर की कीमत 83-85 रुपये के बराबर थी. लड़ाई लंबी खींचती गई, तो रुपया भी लगातार फिसलता गया. अब आलम यह है कि रुपया डॉलर के मुकाबले 95.22 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. 

डॉलर होता जा रहा मजबूत 

डॉलर भी सेफ हेवेन या सुरक्षित निवेश की कैटेगरी में आता है इसलिए वैश्विक अनिश्चितता के इस माहौल में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकालकर अमेरिकी डॉलर में लगा रहे हैं. जंग शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय शेयर बाजार से 3 बिलियन डॉलर की निकासी हो चुकी है. एक तरफ डॉलर की मांग बढ़ रही और वह मजबूत होता जा रहा है. दूसरी तरफ रुपया गिरता जा रहा है. अब जब डॉलर मजबूत होगा, तो इसमें मिलने वाली सैलरी की वैल्यू भी भारतीय करेंसी में बढ़ेगी.  

ऐसे समझें सैलरी का गणित

मान लीजिए कि अमेरिका में रह रहा कोई भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर महीने के 8000 डॉलर कमाता है. युद्ध शुरू होने पर जब डॉलर की कीमत 84 रुपये के बराबर थी, तब उसकी सैलरी भारतीय करेंसी में 672,000 रुपये रही होगी. अब जब डॉलर 95 के स्तर पर कारोबार कर रहा हे, तो उसकी वही सैलरी भारतीय करेंसी में 760,000 रुपये होगी. यानी कि उसे सीधा-सीधा 88000 रुपये का फायदा हुआ.

ऐसे फायदा उठा रहे प्रवासी भारतीय

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के चलते भारतीय करेंसी में सैलरी की बढ़ी हुई वैल्यू का फायदा उठाने के लिए अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासी ज्यादा से ज्यादा भारत में पैसा भेज रहे हैं. लोग या तो अपना कोई बकाया लोन चुका रहे हैं या रियल एस्टेट में निवेश बढ़ा रहे हैं.

मार्च 2026 की डेटा के मुताबिक, भारत आने वाले रेमिटेंस में 12 परसेंट का उछाल आया है. इसी साल की शुरुआत में अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने रेमिटेंस पर 1 परसेंट का टैक्स लगाया था, लेकिन अब डॉलर के रुपये के मुकाबले 95 के लेवल पर पहुंचने का फायदा उठाने के लिए लोग इस टैक्स को चुकाते हुए पैसा भारत भेज रहे हैं.

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