Weight Loss Tips: 22 किलो वजन कम कर पाई PMOS पर फतह, जानिए इस फिटनेस इंफ्लुएंसर ने कैसे किया यह कारनामा?

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Weight Loss Tips: कई महिलाओं के लिए वजन कम करना आसान काम नहीं होता है, खासकर जब महिला Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) या Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome (PMOS) जैसी स्थिति से जूझ रही हों. इस स्थिति में हार्मोन और मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है. PMOS से पीड़ित महिलाओं को अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस, अनियमित पीरियड्स, थकान और वजन कम न होने जैसी समस्याएं होती हैं. लेकिन सही और लगातार लाइफस्टाइल के बदलाव के साथ वजन कम किया जा सकता है, खासकर अगर आप हार्मोनल बैलेंस और मेटाबॉलिक हेल्थ पर ध्यान दें.

हाल ही में एक फिटनेस इन्फ्लुएंसर ने PMOS के बाद भी अपने 22 किलो वजन घटाने के सिक्रेट शेयर किए. फिटनेस इन्फ्लुएंसर तनिषा चड्ढा ने PMOS के बाद भी 80 किलो से 58 किलो तक का सफर तय किया. उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने एक्सपीरियंस शेयर किए और बताया कि यह कोई मुश्किल डाइट या भूख मारकर किया गया काम नहीं था. उन्होंने सही और आसान आदतों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करके यह बदलाव हासिल किया. तनिषा ने अपने सात मुख्य आदतों का जिक्र किया, जिन्हें अपनाकर उन्होंने वजन घटाया. 

फिटनेस इन्फ्लुएंसर ने PMOS के बाद कैसे घटाया 22 किलो वजन?

1. हल्का कैलोरी डेफिसिट (Calorie Deficit) – तनिषा ने कहा, मैंने खुद को भूखा नहीं रखा. मैंने सिर्फ हल्का, टिकाऊ कैलोरी डेफिसिट बनाया. इसका मतलब है कि उन्होंने अपने रोजमर्रा के कैलोरी की तुलना में 200 से 300 कैलोरी कम ली, जिससे उनका वजन धीरे-धीरे और स्थायी रूप से घटे. साथ ही शरीर को एनर्जी मिलती रहे, इसलिए कभी भी जबरदस्ती भूखा नहीं रहना चाहिए. 

2. हर खाने में प्रोटीन (High-Protein Diet) – तनिषा ने हर खाने में 25 से 30 ग्राम प्रोटीन लेने पर जोर दिया. प्रोटीन से भूख कम होती है. ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. मसल्स बनी रहती हैं और फैट घटता है. PMOS में प्रोटीन बहुत मददगार है क्योंकि यह क्रेविंग्स और वजन बढ़ने को रोकता है. 

3.  स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength Training) – तनिषा ने बताया कि कार्डियो की जगह वेट ट्रेनिंग ज्यादा असरदार है. हफ्ते में 3 से 4 बार वजन उठाने की ट्रेनिंग से मेटाबॉलिज्म तेज होता है. शरीर टोंड और शेप में आता है. आराम करते समय भी कैलोरी बर्न होती रहती है. सिर्फ चलना या दौड़ना हमेशा पर्याप्त नहीं होता है. मसल्स बनाने से शरीर ज्यादा फैट जलाता है. 

4.  रोजाना हल्की एक्टिविटी (Daily Movement) – दिनभर छोटे-छोटे कदम और हल्की मूवमेंट करना भी बेहद जरूरी है. तनिषा रोजाना 8 से 10 हजार कदम चलती हैं. इससे अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है. एनर्जी खर्च बिना थकावट के होती है. ऐसे में छोटे बदलाव जैसे घर में चलना या ऑफिस में स्टैंड लेना भी मदद करता है. 

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5. खान के बाद टहलना (Walk After Meals) – खाने के तुरंत बाद 5-10 मिनट की वॉक से पाचन सुधरता है. ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. फुलनेस और ब्लोटिंग कम होती है. PMOS में ग्लूकोज के अचानक बढ़ने को रोकना जरूरी है. 

6. फिक्स्ड मील टाइम (Fixed Meal Timing) – तनिषा ने अपने खाने का टाइम स्थिर रखा और लगातार स्नैकिंग से बची. उन्होंने तीन बैलेंस डाइट और 4- 5 घंटे का अंतर रखा. इससे इंसुलिन का लेवल नियंत्रित रहता है और एक्स्ट्रा खाने से बचा जा सकता है. 

7. नींद और स्ट्रेस कंट्रोल (Sleep & Stress Control) – तनिषा ने कहा, 7 से 8 घंटे की नींद और स्ट्रेस कम करना बहुत जरूरी है. कम नींद और ज्यादा तनाव कॉर्टिसोल बढ़ाता है, जिससे शरीर वजन रोक लेता है. पूरी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट से शरीर वजन कम करने में मदद करता है. 

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