Flavored Drinks: भारतीय शराब उद्योग में इन दिनों बेहद ही बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां, देश के युवा उपभोक्ता अब व्हिस्की और पारंपरिक ड्रिंकिंग की आदतों को तेजी से छोड़ने में जुटे हुए हैं. जिसको लेकर कुछ शराब निर्माताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि यह युवा पीढ़ी अब फ्लेवर्ड अल्कोहल, फेस्टिवल-आधारित मार्केटिंग और हल्के अनुभवों को तेजी से अपनाने की कोशिश में जुटी हुई है.
फ्लेवर्ड अल्कोहल को पसंद कर रहे हैं युवा
भारतीय शराब उद्योग में आए इस बड़े बदलाव ने हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. जहां, अब हमारे देश के युवा उपभोक्ता पारंपरिक विज्ञापनों और मजबूत व्हिस्की के बजाय फ्लेवर्ड अल्कोहल, फेस्टिवल-आधारित मार्केटिंग और आसान ड्रिंकिंग अनुभवों को तेजी से न सिर्फ पसंद कर रहे हैं बल्कि अपनी आदतों में डालने की कोशिश कर रहे हैं. इतना ही नहीं, ‘स्मिरनॉफ’ और ‘जॉनी वॉकर’ बनाने वाली कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स ने इस मामले में जानकारी जदेते हुए बताया कि बाजार में यह ग्रोथ पूरी तरह से फ्लेवर को ऊपर ही आधारित है. जहां, उनके नए प्रयोग ‘मिंटी जामुन’ ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है.
क्यों भारतीय स्वादों को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया?
दरअसल, यह बड़ा बदलाव पूरे शराब उद्योग जगत में देखने को मिल रहा है. जहां, हाल ही में ‘मैजिक मोमेंट्स’ वोदका बेचने वाली कंपनी रेडिको खेतान ने इस साल में 21 प्रतिशत की बढ़त को हासिल करने में बड़ी सफलता हासिल की है. तो वहीं, दूसरी तरफ कंपनी ने यह भी बताया कि जामुन, आम और ठंडाई जैसे भारतीय स्वादों (Flavors of India) को देश भर में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. यह बात भी सच है कि कई सालों से भारत में शराब केवल पुरुष और प्रीमियम स्टेटस के इर्द-गिर्द ही घूमता रहता था, लेकिन आज के समय में कंपनियां जेन-जी (Gen Z) को लुभाने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स और म्यूजिक कंसर्ट्स का सबसे ज्यादा सहारा ले रही हैं ताकि उन्हें बिक्री करने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े
आज के युवा नए प्रयोग करना करते हैं पसंद
दरअसल, आज का युवा वर्ग एक ही तरह की शराब पीने के बजाय अब अलग-अलग अवसरों पर नए प्रयोग (Repertoire Drinking) करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. तो वहीं, इसी बड़े बदलाव को देखते हुए सुला वाइनयार्ड्स जैसी कंपनियां वाइन टूरिज्म और ‘सुलाफेस्ट’ जैसे आयोजनों को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी हुई हैं. जिसकी वजह उनका टूरिज्म बिजनेस 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. लेकिन, इस बात पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा जरूरत है कि आज भी पारंपरिक स्कॉच और व्हिस्की का बाजार सबसे ज्यादा बड़ा है.