Rudraksha: वैवाहिक जीवन और मानसिक शांति के लिए खास माना जाता है ये रुद्राक्ष

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Rudraksha: आज के समय में जब रिश्तों में तनाव, मानसिक दबाव और जीवन की भागदौड़ लगातार बढ़ रही है, तब लोग आध्यात्मिक उपायों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. इन्हीं में एक नाम है गौरी शंकर रुद्राक्ष का, अलग-अलग प्रकार के रुद्राक्षों का अपना विशेष महत्व होता है. लेकिन गौरी शंकर रुद्राक्ष को विशेष रूप से धन, वैवाहिक सुख और मानसिक शांति से जोड़कर देखा जाता है. यह रुद्राक्ष भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य स्वरूप का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे रिश्तों में प्रेम और मेल बढ़ाने वाला भी कहा जाता है. लोग इसे घर के पूजा स्थान में रखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे धारण भी करते हैं.

आखिर क्या होता है गौरी शंकर रुद्राक्ष?

सामान्य रुद्राक्ष की तुलना में गौरी शंकर रुद्राक्ष थोड़ा अलग दिखाई देता है. इसमें दो रुद्राक्ष प्राकृतिक रूप से जुड़े होते हैं. यह स्वरूप भगवान शिव और माता पार्वती के एकता का प्रतीक है. इसी वजह से इसे प्रेम, एकता और भावनात्मक संतुलन से जोड़कर देखा जाता है. इसको धारण करने से मन शांत होता है, निर्णय बेहतर होते हैं और रिश्तों में भी स्थिरता बनी रहती है.

लोग इसे धन और सुख से भी जोड़कर देखते है. कहा जाता है, जब व्यक्ति मानसिक रूप से स्थिर और सकारात्मक होता है, तो उसका असर उसके काम और फैसलों पर भी दिखाई देता है. यही वजह है कि लोग गौरी शंकर रुद्राक्ष को सौभाग्य और समृद्धि से भी जोड़ते हैं.

रुद्राक्ष की पूजा विधि और मंत्र

किसी भी चीज को धारण करने से पहले उसे सिद्ध करना आवश्यक होता है. गौरी शंकर रुद्राक्ष को भी मंत्र व्दारा सिद्ध करके ही पहने, इससे विधि से रुद्राक्ष अधिक लाभकारी हो जाता है और उसका पूर्णता फल प्राप्त होता है. 

शुभ दिन: सोमवार के दिन सुबह स्नान करके रुद्राक्ष की पूजा करें.

रुद्राक्ष की शुद्धि: रुद्राक्ष को गंगाजल और दूध से शुद्ध करने के बाद चंदन, धूप और दीप करें.

मंत्र का जाप: “ॐ ऐं वरभीं वं श्रीं कमलधारिणी हूं स्वाहा” इस मंत्र का जाप ग्यारह(11) सोमवार करें.

ग्यारह सोमवार पूरे हो जाने के बाद इसे लाल धागे में पिरोकर पहनना है. दोबारा उतरे नहीं इससे रुद्राक्ष की शुद्धि बनी रहती है. कई लोग ध्यान और साधना के समय भी इस रुद्राक्ष का प्रयोग करते हैं. 

किन बातों का रखें ध्यान?

हमेशा शुद्ध और असली रुद्राक्ष धारण करना चाहिए. माना जाता है कि नकली या अशुद्ध रुद्राक्ष से अपेक्षित फल प्राप्त नहीं होते है. पूजा और मंत्र जाप के दौरान मन को शांत और सकारात्मक रखना भी जरूरी होता है.

किन लोगों के लिए शुभ माना जाता है रुद्राक्ष को धारण करना

  • वैवाहिक जीवन में तनाव महसूस करने वाले लोग
  • मानसिक शांति और स्थिरता चाहने वाले लोग
  • ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास करने वाले लोग
  • परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की इच्छा रखने वाले लोग

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

 



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