Stock Market Down: निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा, आज शेयर बाजार में कोहराम की क्या है वजह?

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  • शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को ₹7 लाख करोड़ का नुकसान.
  • UAE न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं.
  • खाड़ी देशों में तनाव, वैश्विक युद्ध की आशंका बढ़ी.
  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल, महंगाई और दबाव की चिंता.

Stock Market Bloodbath: आज 18 मई को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई. बाजार में आए इस भूचाल से निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये पूरी तरह से स्वाहा हो गए. हाल ही में यूएई के न्यूक्लियर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में ऐसी आग लगी कि BSE Sensex 1,000 से ज्यादा अंक टूटकर 74300 के नीचे आ गया, जबकि Nifty 50 ने 300 से ज्यादा गंवाए और 23,350 के नीचे चला गया. इससे निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट आई.

निवेशकों के डूबे करीब 7 लाख करोड़

इस गिरावट की वजह से BSE में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन से करीब 7 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए, जिससे यह आंकड़ा गिरकर लगभग 454 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यह बिकवाली सिर्फ बड़े शेयरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों 1 परसेंट से ज्यादा गिर गए. बाजार में उतार-चढ़ाव इस कदर तेजी से बढ़ा कि India VIX 5 परसेंट से ज्यादा उछलकर 19.78 के करीब पहुंच गया, जो ट्रेडर्स और निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट का संकेत है.

क्यों शेयर बाजार में मचा काेहराम‌? 

संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी स्थित परमामु पावर प्लांट पर रविवार को ड्रोन से हमला किया गया. इससे खाड़ी देशों में तनाव का माहौल और गहरा गया है. UAE ने भले ही इस हमले के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन इसे खतरनाक उकसावा बताया है.

ऊपर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई ‘घड़ी टिक-टिक रही है’ की नई चेतावनी ने वैश्विक स्तर पर यह डर पैदा कर दिया है कि दोनों देशों के बीच युद्ध अब और भीषण रूप ले सकता है.

इन सबके बीच कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर बढ़ गईं. ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 2 परसेंट बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि WTI क्रूड 2 परसेंट से अधिक बढ़कर सोमवार सुबह के सौदों के दौरान 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया, जिससे आयातित महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं. इससे विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजारों से अपना निवेश निकालने में लगे हुए हैं. बाजार में आज गिरावट का इन कारकों का बड़ा योगदान है. 

यूएस बॉन्ड यील्ड्स में उछाल

आज बॉन्ड यील्ड में भी तेजी देखने को मिली, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबावों को लेकर चिंता बढ़ गई. 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड का रेट बढ़कर 4.632 परसेंट हो गया, जो फरवरी 2025 के बाद से इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है. 30-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड बढ़कर 5.156 परसेंट हो गई, जबकि 2-साल के बॉन्ड पर यील्ड, जिस पर फेडरल रिजर्व के संकेतों के लिए बारीकी से नजर रखी जाती है, 4.101 परसेंट तक पहुंच गई.

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