- डोनाल्ड ट्रंप पर 90 दिनों में 3700 से अधिक स्टॉक ट्रेड किए.
- ट्रंप ने Nvidia, Amazon, Microsoft जैसी कंपनियों में निवेश किया.
- कानून का पालन न करने पर ट्रंप पर लगा जुर्माना.
- व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रेडिंग थर्ड पार्टी द्वारा प्रबंधित है.
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों शेयर ट्रेडिंग को लेकर जुर्माने का सामना कर रहे हैं. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने मिलकर बीते 90 दिनों में 3700 से ज्यादा स्टॉक ट्रेड किए. इस खबर के सामने आते ही अमेरिकी वित्तीय बाजार (वॉल स्ट्रीट) और राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा हो गई.
ऑफिस ऑफ गवर्नमेंट एथिक्स (OGE) द्वारा जारी ताजा वित्तीय खुलासे के मुताबिक, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने मिलकर साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों में हर दिन औसतन 40 से अधिक सौदे किए. इस ट्रेडिंग की टोटल वैल्यू 220-750 मिलियन डॉलर (करीब 1800-6200 करोड़ रुपये) के बीच आंकी गई. इस खबर ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. लोग सोच में पड़ गए कि आखिर राष्ट्रपति के पद पर बने रहते हुए भी ट्रंप इतने एक्टिव शेयर ट्रेडर क्यों और कैसे बन गए?
किन शेयरों पर लगाया ट्रंप ने दांव?
ट्रंप ने Nvidia, Oracle, Amazon, Adobe, Broadcom, Microsoft, Boeing और Costco जैसी बड़ी कंपनियों में निवेश किया है. इनमें से हर कंपनी ने ट्रंप ने 1 मिलियन डॉलर से 5 मिलियन डॉलर तक का दांव लगाया है. ट्रंप के पोर्टफोलियो में Uber, eBay, Palantir जैसी कंपनियां भी शामिल हैं.
किन कंपनियों के बेचे शेयर?
शेयर खरीदने के साथ-साथ ट्रंप ने कई कंपनियों के शेयर बेचे भी हैं. उन्होंने Microsoft, Meta और Amazon में 5 मिलियन डॉलर से लेकर 25 मिलियन डॉलर तक की अपनी हिस्सेदारी बेची है.
ट्रंप पर लगा जुर्माना
अमेरिकी कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति को 1000 डॉलर से ऊपर के किसी भी ट्रेड की जानकारी 30-45 दिनों के अंदर सरकार को देना होता है. साल 2012 में लागू स्टॉक एक्ट में यह प्रावधान है कि राष्ट्रपति सहित कार्यकारी ब्रांच के उच्च अधिकारी अगर 1000 डॉलर या उससे ज्यादा मूल्य के स्टॉक खरीद, बेचते या एक्सचेंज करते हैं, तो एक तय समय के भीतर उसकी रिपोर्ट करनी होती है. ट्रंप ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने जानकारी देरी से और छुपाकर सबमिट की, जिसके चलते उन पर लेट फीस यानी कि जुर्माना लगाया गया है.
व्हाइट हाउस ने सफाई में क्या कहा?
व्हाइट हाउस और ‘ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन’ का इस पूरे मामले पर कहना है कि ट्रंप खुद कम्प्यूटर के सामने बैठकर शेयर नहीं खरीदते हैं. यह काम ‘थर्ड पार्टी मैनेज्ड अकाउंट्स’ संभालता है. कम्प्यूटर और ऑटोमैटिक सिस्टम खुद यह तय करते हैं कि कब कौन सा शेयर खरीदना है और कौन सा बेचना है. इसमें ट्रंप यर उनके परिवार के किसी भी सदस्य का कोई सीधा दखल या नियंत्रण नहीं है.
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