JEE Advanced 2026: JEE Advanced 2026 का समापन, 17 मई 2026 को हो चुका है और करीब 2.5 लाख छात्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिला पाने के लिए मेहनत कर रहे हैं और मुकाबला कर रहे हैं उनके लिए बड़ी खबर सामने आई है. जो छात्र IIT Kharagpur में पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए स्कॉलरशिप की जानकारी बहुत काम की हो सकती है. IIT में पढ़ाई का खर्च कई परिवारों के लिए काफी ज्यादा होता है और हर कोई इसे आसानी से नहीं उठा पाता, लेकिन अच्छी बात यह है कि IIT जैसे बड़े संस्थान छात्रों की मदद के लिए कई तरह की आर्थिक सहायता देते हैं.
इसमें सबसे खास “मेरिट-कम-मीन्स” (MCM) स्कॉलरशिप है, जो उन छात्रों को दी जाती है जो पढ़ाई में अच्छे होते हैं लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं होती है. यह स्कॉलरशिप छात्रों की ट्यूशन फीस को कम या पूरी तरह खत्म कर देती है, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो जाता है. इस मदद से छात्रों को बिना चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने का मौका मिलता है और वे अपने इंजीनियर बनने के सपने को आगे बढ़ा सकते हैं.
मेरिट-कम-मीन्स (MCM) स्कॉलरशिप की मुख्य बातें
IIT खड़गपुर में BTech, Dual Degree, BArch और Integrated MSc जैसे कोर्स में पढ़ने वाले छात्र MCM स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकीन SC और ST छात्रों को छोड़कर. यह स्कॉलरशिप हर साल लगभग 25% छात्रों को दी जाती है, यानी हर बैच के चुनिंदा विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलता है. इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों की ट्यूशन फीस माफ कर दी जाती है, हालांकि बाकी फीस उन्हें खुद देनी होती है. यह स्कॉलरशिप पूरे 12 महीने तक मिलती है. वहीं स्कॉलरशिप की राशि और नियम बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा तय किए जाते हैं. इसके अलावा, अगर किसी छात्र को दूसरी स्कॉलरशिप मिलती है, तो उसे दोनों में से केवल एक चुनने का विकल्प दिया जाता है.
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स्कॉलरशिप पाने की शर्तें और योग्यता
स्कॉलरशिप पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं. इसमें सबसे पहले छात्र का पढ़ाई में अच्छा होना जरूरी है और उसे तय किए गए मेरिट के नियम पूरे करने होते हैं. इसके साथ ही उसके परिवार की आर्थिक हालत भी देखी जाती है, जिसे “मीन्स क्राइटेरिया” कहा जाता है. इसके अलावा सिर्फ उन्हीं छात्रों को स्कॉलरशिप मिलती है जिनके खिलाफ किसी तरह की अनुशासन (discipline) की कार्रवाई नहीं हुई हो. अगर किसी छात्र पर परीक्षा में नकल करने या नियम तोड़ने का आरोप साबित हो जाता है, तो उसे इस स्कॉलरशिप का फायदा नहीं मिलेगा. मेरिट के हिसाब से छात्र के कम से कम 60% अंक या उसके बराबर ग्रेड होना जरूरी है. अगर कोई छात्र अच्छे नंबर नहीं ला पाता लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति सही नहीं है, तो उसे कुछ हद तक ट्यूशन फीस में छूट मिल सकती है.
अन्य स्कॉलरशिप और छात्रों के लिए संदेश
MCM स्कॉलरशिप के अलावा IIT Kharagpur में और भी कई तरह की स्कॉलरशिप दी जाती हैं. इनमें एंडोमेंट स्कॉलरशिप और एलुमनी (पूर्व छात्र) फंडेड स्कॉलरशिप शामिल हैं, जो पुराने छात्रों और दान देने वालों के सहयोग से चलाई जाती हैं. ये स्कॉलरशिप भी जरूरतमंद और होनहार छात्रों की पढ़ाई में आर्थिक मदद करती हैं और उनके खर्च का बोझ कम करती हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो IIT में पढ़ाई का खर्च इतना बड़ा रुकावट नहीं है जितना लोग सोचते हैं. अगर छात्र सही जानकारी रखें और मेहनत करें तो वे कई तरह की स्कॉलरशिप का फायदा ले सकते हैं.
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