CBSE ने इस साल On Screen Marking (OSM) और rechecking/re-evaluation प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब छात्रों को सबसे पहले अपनी evaluated answer sheet की scanned copy देखने का मौका मिलेगा. इसके बाद ही वे तय कर पाएंगे कि उन्हें verification या re-evaluation के लिए आवेदन करना है या नहीं.
कब तक कर सकते हैं आवेदन?
CBSE के अनुसार 19 मई से 22 मई 2026 तक छात्र सिर्फ अपनी answer sheet की scanned copy या photocopy के लिए आवेदन कर सकेंगे. Verification of marks और re-evaluation की प्रक्रिया बाद में 26 मई से 29 मई 2026 तक चलेगी. यानी 19 मई से पूरी rechecking प्रक्रिया शुरू नहीं हो रही, बल्कि सिर्फ answer sheet देखने के लिए portal खोला जाएगा. CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह के मुताबिक, portal 19 मई को दिन के पहले हिस्से यानी first half में खोला जाएगा. वहीं, CBSE सूत्रों का कहना है कि portal सुबह करीब 9:50 बजे तक शुरू हो सकता है. यह portal 22 मई रात 11:59 बजे तक खुला रहेगा.
कब तक मिलेगी स्कैन्ड आंसर शीट?
सूत्रों के मुताबिक, CBSE आवेदन के लगभग 48 घंटे के भीतर छात्रों को उनकी scanned answer sheet उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है. इससे छात्रों को जल्दी पता चल सकेगा कि उनकी कॉपी में कोई गलती है या नहीं. इस बार CBSE ने पूरी प्रक्रिया का क्रम बदल दिया है. पहले छात्रों को verification के बाद photocopy मिलती थी और फिर re-evaluation का मौका मिलता था, लेकिन अब scanned copy सबसे पहले मिलेगी. इससे छात्र खुद अपनी कॉपी देखकर समझ पाएंगे कि उन्हें आगे verification या re-evaluation की जरूरत भी है या नहीं. Verification of marks का मतलब answers दोबारा जांचना नहीं होता. इसमें सिर्फ यह देखा जाएगा कि total सही हुआ है या नहीं, कोई answer बिना जांचे तो नहीं रह गया और marks upload करने में कोई गलती तो नहीं हुई.
री-इवैल्यूएशन में क्या होगा चेक?
वहीं re-evaluation में सिर्फ उन्हीं सवालों को दोबारा जांचा जाएगा, जिनके लिए छात्र आवेदन करेगा. यानी अगर किसी छात्र को लगता है कि किसी खास सवाल में कम नंबर मिले हैं तो वह उसी प्रश्न के लिए re-evaluation मांग सकता है.
फीस में भी की गई कमी
CBSE ने इस बार फीस भी काफी कम कर दी है. Scanned copy के लिए ₹100, verification of marks के लिए ₹100 और re-evaluation के लिए ₹25 प्रति प्रश्न फीस तय की गई है. पहले यह फीस काफी ज्यादा थी. CBSE ने यह भी कहा है कि अगर re-evaluation के बाद छात्र के अंक बढ़ते हैं तो जमा की गई फीस वापस कर दी जाएगी. नंबर नहीं बढ़ने पर फीस वापस नहीं होगी.
ऑनलाइन ही रहेगी पूरी प्रक्रिया
पूरी प्रक्रिया सिर्फ online होगी और किसी भी तरह का offline आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे scanned copy ध्यान से देखने के बाद ही re-evaluation के लिए आवेदन करें, क्योंकि फीस हर प्रश्न के हिसाब से लगेगी. साथ ही, portal पर ज्यादा traffic रहने का अनुमान है, इसलिए छात्रों को आखिरी दिन तक इंतजार न करने की सलाह दी जा रही है.
re-evaluation और verification के बाद नतीजे कब घोषित होंगे?
CBSE ने अभी तक re-evaluation और verification के revised results की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन मौजूदा schedule को देखते हुए माना जा रहा है कि छात्रों के updated results जून 2026 में जारी किए जा सकते हैं. दरअसल, verification of marks और re-evaluation की प्रक्रिया 29 मई तक चलेगी. ऐसे में revised marks आने में आमतौर पर 2 से 3 हफ्ते लग सकते हैं. यानी छात्रों को जून के मध्य या जून के आखिरी हफ्ते तक updated results मिलने का अनुमान है. हालांकि, इसे लेकर CBSE द्वारा official announcement का इंतजार है.
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