Petrol Diesel News: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑइल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. इसी बीच भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. करीब चार साल बाद हुई इस बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को कुछ राहत मिली है, हालांकि उनका घाटा अब भी काफी बड़ा बना हुआ है.
सरकार की तरफ से आया अपडेट
इसी बीच हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एर प्रेस ब्रीफिंग की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि, सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑइल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG को बाजार कीमत से कम दर पर बेच रही हैं. इन कंपनियों को पहले रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था, जो हाल ही में हुई कीमतों की बढ़ोतरी के बाद घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है.
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दिल्ली में पेट्रोल की कीमत
दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है. हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 3 रुपये की ये बढ़ोतरी केवल आंशिक राहत है, क्योंकि तेल कंपनियों को अभी भी पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
बता दें कि ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा का उछाल आया है. भारत लंबे समय तक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए फ्यूल की कीमतों को नियंत्रित रखे हुए था. सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि कीमतें एक बार में ज्यादा बढ़ाई जाएं या धीरे-धीरे. आखिरकार कीमतें बढ़ा ही दी गई हैं, जिसका असर ना केवल चालकों पर पड़ रहा है बल्कि आम जिंदगी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है.
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