राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की भयानक चपेट में है. मई के इस महीने में हालात ऐसे हो गए हैं कि मानो आसमान से धूप नहीं, बल्कि आग बरस रही हो. आमतौर पर गर्मियों में दिन के वक्त तेज धूप होती है, लेकिन शाम ढलने के बाद मौसम थोड़ा ठंडा हो जाता है. हालांकि, इस बार मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है. दिल्ली और उत्तर भारत के लोगों को इस बार गर्मी की ‘डबल मार’ झेलनी पड़ रही है, क्योंकि सूरज ढलने के बाद भी तपिश कम नहीं हो रही है. आइए डॉक्टर से जानते हैं कि यह आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है?
रात में भी 40 डिग्री तक पहुंच रहा तापमान
इस बार की गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. परेशानी सिर्फ तेज धूप की नहीं है, बल्कि ‘गर्म रातों’ की है. रात के समय भी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों का तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है. जब रात में तापमान कम नहीं होता तो इंसानी शरीर को खुद को ठंडा करने और रिकवर करने का समय नहीं मिल पाता, जिससे बीमार पड़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, पहाड़ों पर भी गर्मी का कहर है. जम्मू-कश्मीर में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. वहीं, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी रात का तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री से लेकर 3 डिग्री तक ज्यादा बना हुआ है. कंक्रीट के जंगलों की वजह से रात के समय इमारतें और सड़कें दिन भर सोखी गई गर्मी को बाहर फेंकते हैं, जिससे रातें और ज्यादा दमघोंटू हो गई हैं.
कई राज्यों में रेड और येलो अलर्ट जारी
हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए सख्त चेतावनियां जारी की हैं.
- रेड अलर्ट (Red Alert): उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में भीषण हीटवेव का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. इसका मतलब है कि इन राज्यों में गर्मी जानलेवा स्तर तक पहुंच चुकी है और लोगों को बिना बहुत जरूरी काम के बाहर नहीं निकलना चाहिए.
- येलो अलर्ट (Yellow Alert): जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ उत्तर भारत के कई अन्य इलाकों में ‘येलो अलर्ट’ है, जहां आमतौर पर मौसम ठंडा रहता था.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए बताया है कि मौसम के पैटर्न में फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. दिन और रात में गर्मी का यह जानलेवा सिलसिला कम से कम अगले 7 दिन तक इसी तरह जारी रहने की आशंका है.
डॉक्टरों की चेतावनी: सेहत के लिए है गंभीर खतरा
गर्मी का यह रूप सेहत के लिए मेडिकल इमरजेंसी जैसा है. नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एचओडी (HOD) डॉ. एके शुक्ला के मुताबिक, इस बार की गर्मी सिर्फ दिन में नहीं, बल्कि रात में भी सेहत के लिए बड़ा और गंभीर खतरा बन गई है. जब रात में शरीर का तापमान सामान्य नहीं हो पाता तो डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक (लू लगना) का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टरों ने विशेष रूप से उन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी है, जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. अगर आपको हाइपरटेंशन (High Blood Pressure), डायबिटीज (Sugar), या दिल से जुड़ी कोई बीमारी है तो यह मौसम आपके लिए बेहद खतरनाक है.
हीटवेव से खुद को और परिवार को कैसे बचाएं?
अगले एक हफ्ते तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे बड़ी दवा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ आसान, लेकिन बेहद जरूरी उपाय बताए हैं.
- हाइड्रेशन है सबसे जरूरी: प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. शरीर में पानी की कमी न होने दें. पानी के अलावा ओआरएस (ORS) का घोल, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का सेवन लगातार करें.
- सिर और शरीर को ढंकें: अगर दिन के समय घर से बाहर निकलना मजबूरी है तो सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें. सिर को टोपी, गमछे या छाते से अच्छी तरह ढक कर रखें. हमेशा सूती (Cotton), हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनें.
- खान-पान का रखें ध्यान: ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से बचें. तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी वाले फलों को अपनी डाइट में शामिल करें.
- लक्षणों को न करें नजरअंदाज: अगर अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी महसूस होना, अत्यधिक पसीना आना या पसीना एकदम से बंद हो जाना और धड़कन तेज होने जैसे लक्षण दिखें तो इसे हल्के में न लें. यह हीट स्ट्रोक (Heatstroke) हो सकता है. ऐसे में तुरंत किसी ठंडी जगह पर जाएं और मेडिकल मदद लें.
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