Inspiring Story: IIT से पढ़कर मुर्गियां पाल रहा है ये लड़का, पहले लोग उड़ाते थे मज़ाक, आज हर महीने 1 करोड़ से ज्यादा की है कमाई

61274630d9a1e9f427965b41cc6231a717793595149321346 original


Who is Saikesh Goud: आज के समय में ज्यादातर छात्रों का आईआईटी से पढ़ाई करने के बाद एक बेहतरीन पैकेज वाली सुरक्षित नौकरी का सपना होता है. लेकिन, कुछ युवा ऐसे होते हैं जो अपनी किस्मत को खुद ही लिखने में विश्वास रखते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है तेलंगाना के रहने वाले सैकेश गौड की. जिन्होंने आईआईटी के बदले अपने खुद का बिजनेस बनाने के सपनों को हौसला दिया और आज वह हर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बन चुके हैं.

नौकरी छोड़ मीट इंडस्ट्री में रखा कदम

सैकेश गौड ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी वाराणसी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. जिसके बाद पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में 28 लाख रुपये सालाना का शानदार पैकेज भी मिला. लेकिन, वो हमेशा से ही खुद का कुछ करने के बारे में सोचते रहते थे.

कौन हैं हेमाम्बर रेड्डी और मोहम्मद सामी उद्दीन?

तो वहीं, अपने सपनों को पंख देते समय इसी बीच उनकी मुलाकात हेमाम्बर रेड्डी और मोहम्मद सामी उद्दीन से हो गई. जानकारी के मुताबिक, हेमाम्बर रेड्डी इस समय हमारे देश के रिटेल मीट सेक्टर को समझने की कोशिश में जुटे थे. तो वहीं, सैकेश गौड ने इस सेक्टर में छिपी अपार संभावनाओं को पहचानने की कोशिश करना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा रिस्क लेते हुए अपनी शानदार सैलरी वाली नौकरी को हमेशा के लिए अलविदा कहते हुए इस नए सफर में कदम रखने के बड़ा फैसला लिया. 

Explained: क्या डॉलर के मुकाबले शतक पार कर जाएगा रुपया? 5 एक्सपर्ट्स की राय एक-दूजे से जुदा, निचोड़ क्या निकला?

कैसे हुई कंट्री चिकन कंपनी की शुरुआत?

दरअसल, अपने बिजनेस को सही तरह से चलाने के लिए उन्होंने ICAR-नेशनल मीट रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक इन्क्यूबेशन प्रोग्राम से तकनीकी से पढ़ाई कर साल 2022 में तीन दोस्तों के साथ मिलकर ‘कंट्री चिकन कंपनी’ की पहली नींव रखी. जहां, उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि अस्वच्छ मीट की दुकानों की छवि को पूरी तरह से बदला जा सकता है इसके अलावा हाइजीनिक सुपरमार्केट जैसे स्टोर को बनाकर उच्च गुणवत्ता वाला देसी चिकन को रखने के बारे में उन्होंने एक नई रणनीति बनाई.

जब लोग उड़ाते थे सैकेश गौड का मजाक

शुरुआती दिनों में समाज के अलावा उनके दोस्तों और अन्य लोगों ने भी जमकर मजाक उड़ाया. यहां तक कि लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया था कि “आईआईटी से इतनी बड़ी पढ़ाई करके अब मुर्गी बेचने का काम करोगे?” लेकिन, वो कहते हैं न सुनो सबकि लेकिन करो अपनी. बस उन्होंने किसी के बारे में परवाह न करते हुए अपने सपनों पर जमकर काम किया. इसके अलावा उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स को एक गिफ्ट आइटम की तरह प्रीमियम पैकेजिंग में बेचना शुरू कर दिया, जिसे ग्राहकों ने बिना किसी देर के हाथों-हाथ खरीदना शुरू कर दिया.

Petrol-Diesel News: 2026 में 2 बार और 2022 में 13 बार बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम, आखिरी बार कब हुआ था सस्ता?

करोड़ों का रेवेन्यू और किसानों को मिला फायदा

तो वहीं, हैदराबाद में भारत का पहला ऑथेंटिक देसी चिकन स्टोर खोलने के बाद उनकी कंपनी ने तेजी से विस्तार करना शुरू कर दिया. आज कंपनी ने दक्षिण भारत में 15 हजार से ज्यादा पोल्ट्री किसानों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है, जिससे किसानों को भी अपनी उपज का सही मूल्य मिल रहा है.

हांलाकि, जनवरी 2022 में जिस कंपनी का रेवेन्यू महज 3 लाख रुपये महीना था, वह अप्रैल 2023 तक बढ़कर 1.2 करोड़ रुपये प्रति महीने के पार पहुंच गया है. जो, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का कुल टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक देखने को मिला था. सैकेश गौड की यह कहानी बताती है कि खुद पर विश्वास हो तो दुनिया में ऐसी कोई भी चीज नहीं है जो हम हासिल नहीं कर सकते हैं. 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *