बचपन के दर्द को याद कर संजय दत्त की बेटी त्रिशला का छलका दर्द, बोलीं- ‘बच्चे मेरा मजाक उड़ाते थे’

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संजय दत्त इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं. हालांकि इस बार उनकी बेटी त्रिशला दत्त का बयान सुर्खियों में आ गया हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बचपन के बारे में खुलकर बात की, जहां उन्होंने बताया कि मां के जाने के बाद उनकी जिंदगी मुश्किल से गुजरीं. उनका जीवन न्यूयॉर्क में उनके नाना नानी के साथ बीता. 5-6 साल की उम्र में ही उन्हें बुली किया जाता था और ताने सुनने को मिलते थे. 

स्कूल में बुली होती थी त्रिशला 
हाल ही में इनसाइड थॉट्स आउट लाउड के साथ बातचीत में त्रिशला ने भावुक होकर कहा, ‘मुझे बचपन में बहुत परेशान किया गया. बच्चे मेरा मजाक उड़ाते थे और मेरे पास ऐसा कोई नहीं था, जिससे मैं अपने दिल की बात कर पाती. मिडिल स्कूल में भी वजन को लेकर मुझे ताने सुनने पड़े. हालांकि जब सभी को पता चला कि मैं संजय दत्त की बेटी हूं, तो हालात और बिगड़ गए. उन दिनों मेरे पास सहारा देने वाला कोई नहीं था. मुझे हमेशा लगता था कि काश कोई ऐसा होता जिससे मैं खुलकर बात कर पाती.’

कैंसर से हुआ मां का निधन 
त्रिशला ने मां की बीमारी के बारे में कहा, ‘मेरी मां को 1989 में ब्रेन कैंसर का पता चला था. जब तक बीमारी सामने आई, तब तक कैंसर खतरनाक स्टेज पर पहुंच चुका था. मां का इलाज न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर में चल रहा था. उसी हॉस्पिटल में दादी नरगिस दत्त का भी इलाज हुआ था. उस समय पापा अमेरिका और इंडिया में बहुत सफर कर रहे थे. एक तरफ शूटिंग और दूसरी तरफ मां का इलाज चल रहा था. उनके लिए ये सब आसान नहीं था.’

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इसके अलावा त्रिशला ने बताया कि मां की बीमारी के समय वो खाने को सहारा बनाने लगी थी. इसीलिए उनका वजन बढ़ गया. लोगों को लगता था कि किसी स्टार की बेटी को खास दिखना चाहिए, लेकिन वो वैसी नहीं थी जैसी लोग संजय दत्त की बेटी से उम्मीद करते थे. इंडिया आने के बाद भी उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. उनका मानना है कि बचपन से उन्होंने बहुत कुछ झेला और सुना है. इसीलिए वो अब मजबूत हो गई हैं. 

क्या करती हैं त्रिशला? 

बता दें कि त्रिशाला न्यूयॉर्क में एक मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल के तौर पर काम करती हैं. वे बताती हैं कि लोग उनसे पूछते है कि स्टारकिड्स की लाइफ में परेशानी नहीं होती, लेकिन ऐसा नहीं है. लोगों को लगता है मुझे सब कुछ आसानी से मिला है, लेकिन मैंने बहुत मेहनत की हैं. मैं परफेक्ट नहीं हूं. हालांकि मैने थेरेपिस्ट इसीलिए चुना ताकि लोगों को बता सकूं कि लाइफ में मेहनत और संघर्ष करना नॉर्मल बात है. 

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